नई दिल्ली: भारत में अभी भले ही नोटबंदी और जीएसटी को लागू करने को लेकर सवाल किए जा रहे हों, लेकिन आने वाले समय में भारत की बेहतर जीडीपी ग्रोथ देखने को मिल सकती है. विश्‍व बैंक ने आगामी दो वित्‍तीय वर्षों में 7.3 प्रतिशत से 7.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया है. विश्व बैंक की ओर से मंगलवार को कहा गया कि जीएसटी और नोटबंदी के चलते निचले
स्तर पर पहुंचने के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर वित्त साल 2019-20 तक वापस 7.5 फीसदी बनी रह सकती है. पहले 2017 में भारत की ग्रोथ रेट 6.7 फीसदी रहने का अनुमान किया गया था, लेकिन जीएसटी और नोटबंदी जैसे कदम से इस पर असर देखा गया.

चीन की धीमी पड़ने लगी ग्रोथ रेट
भारत विकास दर के मामले में चीन को पीछे छोड़ सकता है, क्‍योंकि चीन की विकास दर धीमी पड़ने लगी है. वर्ल्‍ड बैंक ने कहा कि भारत की सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर वित्त वर्ष 2017-18 में बढ़कर 7.3 फीसदी होने का अनुमान है. आगे वित्त वर्ष 2018-19 और 2019-20 में विकास दर 7.5 फीसदी बनी रह सकती है.

8 फीसदी के लिए ये करना होगा
भारत में आर्थिक विकास को लेकर आई ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि 8 फीसदी की विकास दर हासिल करने के लिए साख, निवेश और भारत के निर्यात क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा बढ़ाने से जुड़े मसलों का समाधान करने के मकसद से लगातार सुधार लाना होगा. बैंक ने अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘विकास दर बढ़ाने के लिए वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ लगातार अनुकूल माहौल बनाए रखना होगा’.

भारत में संभावनाएं 
वर्ल्‍ड बैंक में डेवलमेंट प्रोस्‍पेक्‍ट ग्रुप के डाइरेक्‍टर एयहान कोसे ने कहा कि अगले दशकों में उभरती हुई अर्थव्‍यवस्‍थाओं में से भारत ऊंची विकास दर दर्ज कराते हुए प्रतीत हो रहा है. उन्‍होंने कहा कि मैं कम अवधि में आई गिरवट पर ध्‍यान नहीं दूंगा. कोसे ने कहा मुझे भारत की बड़ी तस्‍वीर दिखाई दे रही है, जिसमें बहत संभावनाएं हैं. तुलना में चीन धीमा हो रहा, वर्ल्‍ड बैंक को उम्‍मीद कर रहा है भारत धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है.

चीन की अर्थव्‍यवस्‍था: 11.22 ट्रिलियन डॉलर.
भारतीय अर्थव्‍यवस्‍था: 2.45 ट्रिलियन डॉलर
भारत का जीडीपी रेट: जून (2017) तिमाही में  5.7 फीसदी.
चीन का की जीडीपी रेट: दूसरे क्‍वार्टर में (2017) 6.9 फीसदी (इनपुट: एजेंसी)