नई दिल्लीः सस्ती उड़ान सेवा देने वाली निजी विमानन कंपनी इंडिगो मई से अपने वरिष्ठ कर्मचारियों के वेतन में कटौती करेगी. इसके अलावा मई, जून और जुलाई में कुछ कर्मचारियों को ‘श्रेणीबद्ध तरीके से सीमित बिना वेतन की छुट्टियों’ पर भी भेजेगी. कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रणजय दत्ता ने इस संबंध में कंपनी के कर्मचारियों को ई-मेल संदेश भेजा है. कोविड-19 संक्रमण के फैलाव को रोकने के लिए देशभर में 25 मार्च से लॉकडाउन (बंद) है. इसके चलते लोगों की आवाजाही पर पाबंदी है. विमानन उद्योग को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. Also Read - 5,000 के पार पहुंची कोविड-19 से मरने वालों की संख्या, कल से शुरू होगा लॉकडाउन से निकलने का पहला चरण; 13 बड़ी बातें

ई-मेल संदेश के मुताबिक दत्ता ने कहा, ‘‘हमने मार्च और अप्रैल में कर्मचारियों का पूरा वेतन दिया. अब हमारे पास मूल रूप से घोषित वेतन कटौती को मई 2020 से लागू करने के सिवाय कोई विकल्प नहीं बचा है.’’ Also Read - दिल्ली में कोरोना का नया रिकॉर्ड, 1 दिन में 1163 नए मामले सामने आए

इंडिगो ने 19 मार्च को वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन में कटौती की घोषणा की थी. लेकिन सरकार की अपील को ध्यान में रखते हुए उसने इसे 23 अप्रैल को इसे वापस ले लिया. Also Read - Lockdown 5: अब एक राज्य से दूसरे राज्य जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं

दत्ता ने अपने संदेश में कहा, ‘‘वेतन कटौती के साथ-साथ हमें एक और कड़ा कदम उठाना पड़ रहा है. हम मई, जून और जुलाई में श्रेणीबद्ध तरीके से लोगों को सीमित बिना वेतन की छुट्टी पर भी भेजेंगे.’’

उन्होंने कहा कि बिना वेतन की ये छुट्टियां कर्मचारियों की श्रेणी के हिसाब से डेढ़ दिन से लेकर पांच दिन तक होंगी. इस पूरी प्रक्रिया में हम ये ध्यान रखेंगे कि हमारे ‘ए’ श्रेण्री के कर्मचारियों पर कोई प्रभाव ना पड़े जो हमारे कार्यबल का सबसे बड़ा हिस्सा भी हैं.

कंपनी की ओर से 19 मार्च को घोषित नीति के मुताबिक दत्ता खुद के वेतन में 25 प्रतिशत की सबसे अधिक कटौती करेंगे. वहीं अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन में भी श्रेणीबद्ध तरीके से कटौती की जानी है.

इसके हिसाब से वरिष्ठ उपाध्यक्ष और उससे ऊपर के स्तर पर कर्मचारियों के वेतन में 20 प्रतिशत, उपाध्यक्ष और विमान चालक दल कर्मचारियों के वेतन में 15 प्रतिशत, सहायक उपाध्यक्ष, डी-श्रेणी और इस स्तर के चालक दल कर्मचारियों के वेतन में 10 प्रतिशत और सी-श्रेणी पर पांच प्रतिशत की वेतन कटौती की जानी है.