Industrial Development in MP: मध्य प्रदेश को कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में बडे पैमाने पर आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा है. संक्रमण की रफ्तार में कमी आने के बाद एक बार फिर हालात को सामान्य बनाने की कोशिशें तेज हुई हैं. राज्य के औद्योगिक विकास (Industrial Development) पर जोर दिया जा रहा है, यही कारण है कि छोटे उद्योगों की स्थापना की रफ्तार तेज हो रही है.Also Read - MP vs MUM, Ranji Trophy 2021-22 Final Highlights: आखिरकार मध्य प्रदेश ने रच दिया इतिहास, फाइनल मैच में 41 बार की चैंपियन मुंबई को हराया

कोरोना महामारी (Corona Pandemic) के कारण आर्थिक गतिविधियों पर पड़े असर पर नजर दौड़ाएं तो एक बात साफ होती है कि जहां उद्योगों ने बड़े पैमाने पर मजदूरों व कर्मचारियों की छंटनी कर दी थी तो वहीं बड़ी संख्या में मजदूर अपने घरों को लौट गए थे. इससे उत्पादन पर असर तो हुआ ही, साथ ही, बड़ी संख्या में लोगों से रोजगार भी छिन गया. Also Read - MP vs MUM, Final Match: चौथे दिन स्टंप तक मुंबई का स्कोर 113/2, 49 रन से आगे मध्यप्रदेश

कोरोना की दूसरी लहर के बीच और इसके असर के कम होने के बीच राज्य में औद्योगिक गतिविधियां बढाने पर सरकार लगी हुई है. इसके तहत, छोटी औद्योगिक इकाईयां स्थापित की जा रही है. पहले चरण में अप्रैल माह में 1891 इंडस्ट्री शुरू की गईं और अगस्त तक तीन हजार और नए उद्योग सभी इंटरप्रेनर्स के सहयोग से शुरू होने वाले हैं. Also Read - इस सीजन 900 से ज्यादा रन, शतक जड़ने के बाद Sarfaraz Khan की भर आई आंखें

राज्य के सूक्ष्म,लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री ओमप्रकाश सखलेचा ने कहा है, ” प्रदेश में इस साल अगस्त में तीन हजार के करीब नई छोटी इकाइयाँ प्रारम्भ की जाएंगी. सरकार की ओर से उद्योग स्थापित करने वालों को हर संभव मदद और सहयोग किया जा रहा है.”

मंत्री सखलेचा ने उद्यमियों को विश्वास दिलाते हुए कहा है, ” जब भी आपको जरूरत होगी मध्यप्रदेश सरकार आपके साथ हर कदम पर खड़ी रहेगी. हमें संकल्प लेना है कि आज के दिन हम सब मिलकर ज्यादा से ज्यादा उद्योग लगाकर प्रदेश के लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के साथ उनके जीवन में आर्थिक उन्नति की नई रोशनी प्रदान करने में सहयोग करेंगे.”

(With IANS Inputs)