उत्तर प्रदेश में उद्योगों और व्यवसायों को बढ़ावा देने और व्यापारियों के बीच अच्छे संबंध स्थापित करने के लिए बिग अल्फा ने एमएसएमई स्टार्टअप फोरम के साथ एक समझौता किया है. यह समझौता राज्य में विकास की नई गाथा लिखेगा. इस समझौते से व्यवायाइयों, आईटी सेवाओं, डिजिटल मार्केटिंग और सरकारी परामर्श प्रदान करने वाली संस्थाओं को काफी मदद मिलेगी. स्टार्टअप्स का तीव्र विकास होगा. इसके जरिये वैल्यू चेन बनाने में भी आसानी होगी.Also Read - आजम खान बोले-मुझे एनकाउंटर की धमकी मिली है, जेल में कच्ची दाल के पानी से रोटी खाने को मिलती थी

यूपी के सभी जिलों में होगा विस्तार

एमएसएमई क्षेत्र ओर विशेष रूप से काम करने वाली बिग-अल्फा के साथ किया गया यह समझौता उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में फोरम का विस्तार तो करेगा ही, व्यवसाय के लिए वातावरण भी स्थापित करेगा. साथ में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों और स्टार्टअप्स का विकास भी तेजी से होगा. Also Read - ऑर्केस्ट्रा पर मनपसंद गाना सुनना चाहता था युवक, लोगों ने मिलकर पीट-पीट कर मार डाला, केस दर्ज

व्यवसायों को लगेंगे पंख

परियोजनाओं और ज्ञान साझा करने से व्यवसाय को पंख लगेंगे. उद्यमिता विकास, कौशल विकास संवर्धन के लिए विभिन्न सम्मेलनों, संगोष्ठियों, वेबिनार, कार्यशालाओं और अन्य गतिविधियों का आयोजन भी आसानी से हो सकेगा. यह फोरम सरकार और अन्य एजेंसियों की प्रचारित योजनाओं और सहूलियतों के बारे में जागरूकता पैदा करने में तो मदद करेगी. उद्यमिता और स्टार्टअप से जुड़े शोध भी आगे बढ़ेंगे. नवाचार और प्रौद्योगिकी को बढ़ावा मिलेगा. Also Read - देश में चेक बाउंस के 33 लाख से अधिक मामले लंबित, सुप्रीम कोर्ट लगाएगा विशेष अदालतें

रोजगार और व्यापार का स्कोप बढ़ाने के लिए उठाया कदम

यूपी सरकार के अपर मुख्य सचिव नवनीत सहगल का कहना है कि उद्योगों को और बेहतर करने के लिए रोजगार और व्यापार को स्कोप बढ़ाने के लिए इस प्रकार का कदम उठाया है. यह आगे बेहतर साबित होगा.

MSME और स्टार्टअप्स फोरम -भारत ने 2020 के बीच काम करना शुरू किया

एमएसएमई और स्टार्टअप्स फोरम -भारत ने 2020 के बीच काम करना शुरू किया. फोरम ने देश भर के एमएसएमई और स्टार्टअप्स से जुड़े 10,000 से अधिक उद्यमियों को अपनी ओर आकर्षित किया और वैश्विक आधार पर भी इसका तेजी से प्रसार हुआ है. अब इस फोरम का लक्ष्य विभिन्न बी टू बी और बी टू सी प्लेटफार्मों पर स्थानीय उद्योगों और व्यवसायों को बढ़ावा देकर सदस्यों के बीच अच्छे व्यापारिक संबंध और विष्वास का एक मजबूत बंधन निर्माण करना है.

(With IANS Inputs)