नई दिल्ली: उद्योग मंडल एसोचैम ने कहा है कि औषधि समेत भारतीय उद्योग और व्यापार जगत के तमाम क्षेत्र आपूर्ति श्रृंखला पर प्रभाव पड़े बिना कोरोना वारस से उत्पन्न स्थिति से निपटने को तैयार हैं. उसने यह भी कहा कि इससे निकट भविष्य में कोई बड़ी चुनौती नहीं दिखायी दे रही. Also Read - 7th Pay Commission : सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, जल्द जारी होने वाली है कर्मचारियों की रोकी गई रकम

एसोचैम के महासचिव दीपक सूद ने कहा कि घबराने की कोई जरूरत नहीं है. भारत सरकार और उद्योग एक-दूसरे के साथ मिलकर सक्रिय रूप से इससे निपटने को लेकर काम कर रहा है. उन्होंने कहा,‘‘यह सही है कि उच्च एकीकृत अर्थव्यवस्था में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला एक वास्तविकता है लेकिन अस्थायी बाधाओं से निपटेन के लिये पर्याप्त गुंजाइश बनी हुई है.’’ Also Read - बंगाल सरकार की कोरोना टेस्ट वेबसाइट से लाखों मरीजों का डाटा लीक

सूद ने कहा, ‘‘भारत सरकार और उद्योग कोरोना वायरस का विश्व अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर के कारण उसका देश में आर्थिक, तकनीकी या अनुबंध पर पड़ने वाले प्रभाव से निपटने के लिये एक-दूसरे के साथ मिलकर अति सक्रियता के साथ काम कर रहे हैं.’’ Also Read - भारत में COVID-19 संक्रमण में तेजी, 29 जनवरी के बाद आए कोरोना के 17 हजार से ज्‍यादा नए केस

उन्होंने कहा कि अबतक भारतीय उद्योग के लिये आपूर्ति श्रृंखला में कोई बड़ी बाधा नहीं आयी है और निकट भविष्य में कोई चुनौतियां भी नहीं दिख रही.

सूद ने कहा कि भारत औषधियों में कच्चे माल के रूप में उपयोग होने वाले सक्रिय रसायनों (एपीआई) का 60 से 70 प्रतिशत चीन से आयात करता है. लेकिन कई घरेलू और वैश्विक कंपनियां हैं जिन्होंने भारत में ऐसे रसायनों के विनिर्माण संयंत्र स्थापित कर रखे हैं.

स्थिति के अनुसार उन्हें देश में उत्पादन बढ़ाने के लिये प्रोत्साहित किया जा सकता है. एसोचैम ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे उद्योग के लिये फिलहाल कोई चुनौती नहीं है लेकिन ताइवान जैसे स्रोतों से वैकल्पिक आपूर्ति की संभावना तलाशी जा सकती है. विभिन्न रिपोर्ट के अनुसार चीन में फैले कोरोना वायरस से अबतक 2,200 लोगों की मौत हुई है. वहीं पूरी दुनिया में इससे करीब 77,000 लोग प्रभावित हुए हैं.

(इनपुट भाषा)