
Anjali Karmakar
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से मास कॉम में मास्टर्स डिग्री. 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव. पॉलिटिक्स, इंटरनेशनल न्यूज, बिजनेस और स्पोर्ट्स में खास दिलचस्पी. दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर, ... और पढ़ें
डिजिटलाइजेशन और टेक्नोलॉजी के बदलते दौर में अब सबकुछ इंस्टेंट मिलने लगा है. इंस्टेंट फूड से लेकर इंस्टेंट शॉपिंग, इंस्टेंट डिलिवरी और यहां तक कि अब इंस्टेंट लोन तक. फाइनेंशियल मार्केट में ऐसे कई इंस्टेंट लोन ऐप आ चुके हैं, जो आपको मिनटों में लोन दे देते हैं. इंस्टेंट लोन ऐप्स से लोन लेना जितना आसान होता है, बाद में ये उतना ही खतरनाक साबित हो सकता है. कई ऐप्स आपकी बैंक डिटेल्स, कॉन्टैक्ट डिटेल्स और अन्य प्राइवेट डेटा का एक्सेस हासिल कर लेते हैं. इसके बाद इनका गलत इस्तेमाल होता है.
कर्ज के जाल में फंसाने की तरकीब
CasHe, MoneyTap, Loan Buddy, KreditBee, mPocket, Bajaj Finserv ऐसे ही कुछ इंस्टेंट लोन ऐप हैं. इनकी मदद से तुरंत शॉर्ट लोन लिया जा सकता है. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि ये ऐप्स पैसे देने के साथ ही आपके पूरे फोन का एक्सेस ले लेते हैं. फिर आपको कर्ज के जाल में फंसाते हैं.
पर्सनल डेटा का गलत इस्तेमाल
इंस्टेंट लोन ऐप्स में लोन लेना जितना आसान होता है, वह उतना ही खतरनाक साबित हो सकता है. कई ऐप्स आपकी बैंक डिटेल्स, कॉन्टैक्ट डिटेल्स और अन्य प्राइवेट डेटा का एक्सेस हासिल कर लेते हैं. इसके बाद इनका गलत इस्तेमाल होता है.
बनाते हैं मेंटल प्रेशर
अगर आपने समय पर लोन नहीं चुकाया, तो कुछ ऐप्स अवैध रूप से कस्टमर को परेशान करते हैं. उनपर मेंटल प्रेशर बनाया जाता है. धमकियां दी जाती हैं.
कॉन्टेक्ट के लोगों को भी कॉल करके करते हैं परेशान
अगर लोन नहीं चुकाया जा रहा या इसमें समय लग रहा, तो ये ऐप्स लोन वाले व्यक्ति को फोन करने के साथ ही उनके कॉन्टेक्ट के लोगों को भी रिकवरी के लिए परेशान करते हैं. ये आपकी सोशल इमेज के लिए खतरा साबित हो सकता है.
वसूलते हैं ब्याज की ऊंची दरें
ये ऐप्स आमतौर पर बहुत ऊंची ब्याज दरें वसूलते हैं. अगर आप समय पर लोन चुकता नहीं कर पाते, तो ब्याज और जुर्माना बढ़ता चला जाता है. इससे आप धीरे-धीरे कर्ज के जाल में फंसते जाते हैं. इन ऐप्स के इस्तेमाल से आपका पर्सनल डेटा, फोटो और कॉन्टैक्ट्स चोरी हो सकता है.
कर्ज के जाल में कैसे फंसाते हैं ये ऐप?
साइबर फ्रॉड का खतरा
इन ऐप्स में अक्सर छिपे हुए चार्जेस होते हैं, जो लोन के कुल पेमेंट को और बढ़ा सकते हैं. पहले से सारी शर्तें स्पष्ट नहीं होतीं, जिससे अंत में ग्राहकों को बहुत नुकसान होता है. इससे लोग एक लोन चुकाने के लिए दूसरा लोन लेने लगते हैं और यह खत्म नहीं होता. इस तरह व्यक्ति साइबर फ्रॉड में फंसता चला जाता है.
डिजिटल फर्जीवाड़े का हो सकते हैं शिकार
लोग फटाफट लोन के चक्कर में डिजिटल फर्जीवाड़े का शिकार हो रहे हैं. इसलिए मोबाइल ऐप्स के जरिए लोन न लें, क्योंकि आपके डॉक्यूमेंट्स के साथ फर्जीवाड़ा किया जा सकता है.
कैसे पता करें कि फर्जी लोन दिया जा रहा है?
RBI के मुताबिक, सभी डिजिटल लेंडिंग ऐप्स को उस बैंक या NBFC का खुलासा ग्राहकों के सामने करना चाहिए, जिनके माध्यम से वे लोन देने का वादा करते हैं. रिजर्व बैंक की वेबसाइट पर जाकर रजिस्टर्ड NBFC का नाम और पता किया जा सकता है.
फर्जी ऐप्स की कैसे पहचान करें?
फ्रॉड का शिकार हो गए, तो कहां करें शिकायत?
इस तरह के ऐप्स और बैंक अकाउंट की शिकायत ग्राहक ऑनलाइन कर सकते हैं. https://sachet.rbi.org.in/ पर जाकर भी शिकायत कर सकते हैं.
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