ऐप से फटाफट ले लेते हैं लोन? जानिए ये आपकी प्राइवेसी के लिए कितना खतरनाक?

ये ऐप्स आमतौर पर बहुत ऊंची ब्याज दरें वसूलते हैं. अगर आप समय पर लोन चुकता नहीं कर पाते, तो ब्याज और जुर्माना बढ़ता चला जाता है. इससे आप धीरे-धीरे कर्ज के जाल में फंसते जाते हैं.

Published date india.com Updated: December 4, 2025 11:24 PM IST
ऐप से फटाफट ले लेते हैं लोन? जानिए ये आपकी प्राइवेसी के लिए कितना खतरनाक?
सांकेतिक तस्वीर.

डिजिटलाइजेशन और टेक्नोलॉजी के बदलते दौर में अब सबकुछ इंस्टेंट मिलने लगा है. इंस्टेंट फूड से लेकर इंस्टेंट शॉपिंग, इंस्टेंट डिलिवरी और यहां तक कि अब इंस्टेंट लोन तक. फाइनेंशियल मार्केट में ऐसे कई इंस्टेंट लोन ऐप आ चुके हैं, जो आपको मिनटों में लोन दे देते हैं. इंस्टेंट लोन ऐप्स से लोन लेना जितना आसान होता है, बाद में ये उतना ही खतरनाक साबित हो सकता है. कई ऐप्स आपकी बैंक डिटेल्स, कॉन्टैक्ट डिटेल्स और अन्य प्राइवेट डेटा का एक्सेस हासिल कर लेते हैं. इसके बाद इनका गलत इस्तेमाल होता है.

कर्ज के जाल में फंसाने की तरकीब
CasHe, MoneyTap, Loan Buddy, KreditBee, mPocket, Bajaj Finserv ऐसे ही कुछ इंस्टेंट लोन ऐप हैं. इनकी मदद से तुरंत शॉर्ट लोन लिया जा सकता है. लेकिन, क्या आप जानते हैं कि ये ऐप्स पैसे देने के साथ ही आपके पूरे फोन का एक्सेस ले लेते हैं. फिर आपको कर्ज के जाल में फंसाते हैं.

पर्सनल डेटा का गलत इस्तेमाल
इंस्टेंट लोन ऐप्स में लोन लेना जितना आसान होता है, वह उतना ही खतरनाक साबित हो सकता है. कई ऐप्स आपकी बैंक डिटेल्स, कॉन्टैक्ट डिटेल्स और अन्य प्राइवेट डेटा का एक्सेस हासिल कर लेते हैं. इसके बाद इनका गलत इस्तेमाल होता है.

बनाते हैं मेंटल प्रेशर
अगर आपने समय पर लोन नहीं चुकाया, तो कुछ ऐप्स अवैध रूप से कस्टमर को परेशान करते हैं. उनपर मेंटल प्रेशर बनाया जाता है. धमकियां दी जाती हैं.

कॉन्टेक्ट के लोगों को भी कॉल करके करते हैं परेशान
अगर लोन नहीं चुकाया जा रहा या इसमें समय लग रहा, तो ये ऐप्स लोन वाले व्यक्ति को फोन करने के साथ ही उनके कॉन्टेक्ट के लोगों को भी रिकवरी के लिए परेशान करते हैं. ये आपकी सोशल इमेज के लिए खतरा साबित हो सकता है.

वसूलते हैं ब्याज की ऊंची दरें
ये ऐप्स आमतौर पर बहुत ऊंची ब्याज दरें वसूलते हैं. अगर आप समय पर लोन चुकता नहीं कर पाते, तो ब्याज और जुर्माना बढ़ता चला जाता है. इससे आप धीरे-धीरे कर्ज के जाल में फंसते जाते हैं. इन ऐप्स के इस्तेमाल से आपका पर्सनल डेटा, फोटो और कॉन्टैक्ट्स चोरी हो सकता है.

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कर्ज के जाल में कैसे फंसाते हैं ये ऐप?

  • ये लोन ऐप पहले इंस्टेंट और आसान तरीके से लोन देने की बात करते हैं.
  • कम ब्याज का ऑफर देते हैं. आपसे कोई डॉक्यूमेंट नहीं मांगते.
  • लोन देने के समय से ऐप्स आपको हिडेन टर्म एंड कंडीशन का खुलासा नहीं करते.
  • लोन लेने के लिए आपसे कुछ चीजों का एक्सेस मांगते हैं. जैसे मैसेज, गैलरी और कॉन्टैक्ट. अक्सर पैसों की जरूरत होने के कारण हम ये एक्सेस दे देते हैं.
  • इसके बाद धांधली का खेल शुरू हो जाता है.

साइबर फ्रॉड का खतरा
इन ऐप्स में अक्सर छिपे हुए चार्जेस होते हैं, जो लोन के कुल पेमेंट को और बढ़ा सकते हैं. पहले से सारी शर्तें स्पष्ट नहीं होतीं, जिससे अंत में ग्राहकों को बहुत नुकसान होता है. इससे लोग एक लोन चुकाने के लिए दूसरा लोन लेने लगते हैं और यह खत्म नहीं होता. इस तरह व्यक्ति साइबर फ्रॉड में फंसता चला जाता है.

डिजिटल फर्जीवाड़े का हो सकते हैं शिकार
लोग फटाफट लोन के चक्कर में डिजिटल फर्जीवाड़े का शिकार हो रहे हैं. इसलिए मोबाइल ऐप्स के जरिए लोन न लें, क्योंकि आपके डॉक्यूमेंट्स के साथ फर्जीवाड़ा किया जा सकता है.

कैसे पता करें कि फर्जी लोन दिया जा रहा है?
RBI के मुताबिक, सभी डिजिटल लेंडिंग ऐप्स को उस बैंक या NBFC का खुलासा ग्राहकों के सामने करना चाहिए, जिनके माध्यम से वे लोन देने का वादा करते हैं. रिजर्व बैंक की वेबसाइट पर जाकर रजिस्टर्ड NBFC का नाम और पता किया जा सकता है.

फर्जी ऐप्स की कैसे पहचान करें?

  • अगर कोई ऐप बहुत कम ब्याज दर पर लोन का ऑफर दे रहा है या बिना किसी जांच के तुरंत लोन का वादा कर रहा है, तो ये फर्जी है.
  • असली लोन कंपनियां लोन मंजूर होने के बाद ही फीस काटती हैं, लेकिन ऐसे फर्जी लोन ऐप आपको लोन देने से पहले प्रोसेसिंग फीस मांगते हैं.
  • इन ऐप की जानकारी ऐप स्टोर या प्ले स्टोर पर ठीक से दर्ज नहीं होती है.
  • लोन देने की शर्त के तौर पर ये ऐप आपके कॉन्टैक्ट्स, कैमरा, गैलरी का एक्सेस मांगते हैं. इन ऐप पर व्याकरण की गलतियां, खराब पेज डिजाइन, अव्यवस्थित इंटरफेस और अधूरी जानकारी दर्ज होती है.
  • ऐप या वेबसाइट पर ऑफिस एड्रेस और कस्टमर केयर नंबर नहीं होता है.

फ्रॉड का शिकार हो गए, तो कहां करें शिकायत?
इस तरह के ऐप्स और बैंक अकाउंट की शिकायत ग्राहक ऑनलाइन कर सकते हैं. https://sachet.rbi.org.in/ पर जाकर भी शिकायत कर सकते हैं.

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