नई दिल्ली: सरकार ने चालू वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही के लिए अपनी लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया है. बैंक जमा दर में नरमी के बावजूद सरकार की राष्ट्रीय बचत पत्र (एनएससी), लोक भविष्य निधि (पीपीएफ) जैसी विभिन्न लघु बचत योजनाओं पर 2019- 20 की अंतिम तिमाही के लिए ब्याज दरों को यथावत रखा गया है.वित्त मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी एक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई है.

-पीपीएफ और एनएससी पर सालाना 7.9 प्रतिशत की दर से ब्याज बना रहेगा
– किसान विकास पत्र (केवीपी) पर 7.6 प्रतिशत की दर से ब्याज देय होगा और यह 113 महीने में परिपक्व होगा
– 5 वर्ष की वरिष्ठ नागरिक बचत योजना पर ब्याज दर को 8.6 प्रतिशत पर बरकरार रखा गया है
– वरिष्ठ नागरिक बचत योजनाओं पर प्रत्येक तिमाही ब्याज का भुगतान किया जाता है
– बचत जमा योजना पर ब्याज दर चार प्रतिशत पर यथावत रखी गई है
– सुकन्या समृद्धि योजना खाते पर अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही के लिए 8.4 प्रतिशत की दर से ब्याज
– एक से लेकर पांच साल की सावधि जमा पर 6.9 से लेकर 7.7 प्रतिशत के दायरे में ब्याज दिया जाएगा
– पांच साल की सावधि जमा का भुगतान तिमाही आधार पर किया जाएगा
– पांच साल की आवृति जमा पर 7.2 प्रतिशत ब्याज दिया जाएगा.

सरकार की लघु बचत योजनाओं पर प्रत्येक तिमाही आधार पर ब्याज दरों को अधिसूचित किया जाता है. रिजर्व बैंक ने भी मुद्रास्फीति को लेकर चिंता के बीच इस महीने की शुरुआत में जारी मौद्रिक नीति समीक्षा में ब्याज दरों को स्थिर रखा.

मंत्रालय की अधिसूचना में कहा गया है, ”विभिन्न लघु बचत योजनाओं पर एक जनवरी 2020 से शुरू होकर 31 मार्च 2020 को समाप्त होने वाली चौथी तिमाही के लिए ब्याज दर उसी स्तर पर बनी रहेंगी, जो कि वित्त वर्ष 2019- 20 की तीसरी तिमाही के लिए अधिसूचित की गई थी.”

वित्त मंत्रालय ने वर्ष 2016 में तिमाही आधार पर ब्याज दरें तय करने की घोषणा करते हुए कहा था कि लघु बचत योजनाओं पर ब्याज दरों को सरकारी बॉन्‍ड के प्रतिफल के साथ जोड़ा जाएगा. रिजर्व बैंक ने भी मुद्रास्फीति को लेकर चिंता के बीच इस महीने की शुरुआत में जारी मौद्रिक नीति समीक्षा में ब्याज दरों को स्थिर रखा.