नई दिल्ली: वित्त मंत्री पीयूष गोयल आज 11 बजे अंतरिम बजट पेश करेंगे. मोदी सरकार के कार्यकाल का यह अंतिम बजट होगा. हालांकि यह अंतरिम बजट होगा, लेकिन उद्योग सूत्रों और विशेषज्ञों का कहना है कि वित्त मंत्री गोयल इससे आगे बढ़कर कुछ नई घोषणाएं कर सकते हैं. शुक्रवार को पेश किये जाने वाले बजट में आयकर छूट की सीमा बढ़ाई जा सकती है. इसके अलावा किसानों के लिए राहत पैकेज, छोटे उद्यमियों को समर्थन और कुछ अन्य लोक लुभावन घोषणाएं वित्त मंत्री पीयूष गोयल के बजट का हिस्सा हो सकतीं हैं. माना जा रहा है कि आम चुनाव में जाने से पहले सरकार इन घोषणाओं के जरिए मतदाताओं को लुभाने का एक और प्रयास करेगी.

वित्तीय घाटा
यदि वित्त मंत्री पीयूष गोयल लोकसभा चुनावों के मद्देनजर लोकलुभावन उपायों की घोषणाएं करते हैं, तो इससे सरकार अपने राजकोषीय लक्ष्य से चूक सकती है. वित्त वर्ष 2017 में राजकोषीय घाटा 3.5 प्रतिशत, वित्त वर्ष 2018 में 3.5 प्रतिशत और वित्त वर्ष 2019 में 3.3 प्रतिशत का लक्ष्य रखा गया है.

इनकम टैक्स सीमा
हालांकि कोई भी अंतरिम बजट इस मामले में कुछ नहीं कर सकता, लेकिन अगर वित्त मंत्री अंतरिम बजट से आगे बढ़कर कोई फैसला लेते हैं तो बात बन सकती है. वर्तमान में क्या है इनकम टैक्स स्लैब
2.5 लाख तक कोई टैक्स नहीं
2.5 से 5 लाख 5 प्रतिशत टैक्स
5 लाख से 10 लाख तक 20 प्रतिशत टैक्स
10 लाख से ऊपर पर 30 प्रतिशत टैक्स

यूनिवर्सिल बेसिक इनकम
क्या सरकार यूनिवर्सल बेसिक इनकम यानी हर किसी के खाते में डायरेक्ट कैश ट्रांसफर का एलान करेगी. अगर सरकार इस तरह का कोई कदम उठाती है तो हर साल 2.64 लाख करोड़ रुपए की जरूरत होगी. इतनी भारी भरकम राशि खर्च करने के बाद 75 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों को 1500 रुपए महीना दिया जा सकता है.

किसानों के लिए पैकेज
यूनिवर्सल बेसिक इनकम के अलावा क्या किसानों के लिए सरकार अलग से बजट ला सकती है. इसके तहत किसानों के लिए ब्याज रहित लोन का एलान हो सकता है. एमएसपी के लिए बेहतर स्कीम लाई जा सकती है. ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्टचर के लिए बजट में ज्यादा राशि का एलान हो सकता है.

जॉब के मामले में क्या
बेरोजगारी के मुद्दे पर घिरी सरकार रोजगार बढ़ाने के लिए कोई बड़ा एलान कर सकती है. कंपनियां लोगों को जॉब मुहैया करा सकें उसके लिए उन्हें इंनसेंटिव का एलान हो सकता है. खाली सरकारी पदों को भरा जा सकता है. स्किल इंनसेंटिक का एलान हो सकता है.

सब्सिडी और मनेरगा का क्या होगा
क्या सरकार सब्सिडी या मनरेगा के बजट को बढ़ाएगी? मनरेगा का बजट वित्त वर्ष 2018 में 55 हजार करोड़ था. वहीं जो सब्सिडी दी गई वह 2,65,939 करोड़ थी.

विनिवेश
सामाजिक खर्च बढ़ाने के लिए विनिवेश के टारगेट को घटाया जा सकता है. वित्त वर्ष 2018 में यह एक लाख करोड़ था जिसे 80 हजार किया जा सकता है.

नए टैक्स और सरचार्ज
क्या सरकार किसी नए टैक्स का एलान कर सकती है. हो सकता है कि यूनिवर्सल बेसिक इनकम योजना को लागू करने के लिए टैक्स या सेस लगाया जाए. 2015 में सरकार ने कॉर्पोरेट टैक्स में 4 साल के लिए कटौती की थी. बड़ी कंपनियों और मोटी इनकम वालों पर नए सेस लग सकते हैं.

आरबीआई डिविडेंट का क्या
क्या सरकार एसबीआई से बडी रकम हासिल कर सकती है. ये बजट के बाद ही पता चलेगा.