IMF GDP rankings: भारत की रफ्तार पर लगी ब्रेक! अर्थव्यवस्था के मामले में जापान-ब्रिटेन से पिछड़ा, जानिए अब किस नंबर पर?
भारत ने मई 2025 में जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा हासिल कर लिया था. तब अगले 2.5 से 3 सालों में जर्मनी को तीसरे स्थान से हटाकर भारत को दुनिया की टॉप-3 इकॉनामी में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया था.
IMF GDP rankings: साल 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की कोशिश कर रहे भारत को एक बड़ा झटका लगा है. कमजोर होते रुपये और मजबूत होते अमेरिकी डॉलर के चलते देश का लक्ष्य मुश्किल में पड़ गया है.
इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के ताजा डेटा के अनुसार, भारत इस समय दुनिया की छठी सबसे बड़ा अर्थव्यवस्था है. यह अब भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है. लेकिन, पिछले कुछ समय में जापान और ब्रिटेन फिर से भारत से आगे निकल गए हैं. भारत ने मई 2025 में जापान को पीछे छोड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का दर्जा हासिल कर लिया था. तब अगले 2.5 से 3 सालों में जर्मनी को तीसरे स्थान से हटाकर भारत को दुनिया की टॉप-3 इकॉनामी में शामिल करने का लक्ष्य रखा गया था.
क्या कहता है IMF का ताजा डेटा?
IMF के डेटा में बताया गया है कि 2025 में भारतीय अर्थव्यवस्था का अनुमान 3.92 ट्रिलियन डॉलर है. यह यूनाइटेड किंगडम के 4 ट्रिलियन से कम है. इस सूची में 4.44 ट्रिलियन के साथ जापान चौथे स्थान पर है.
अमेरिका अब भी 30.8 ट्रिलियन की GDP के साथ पहले स्थान पर बना हुआ है. उसके बाद चीन 19.6 ट्रिलियन के साथ दूसरे और जर्मनी 4.7 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ तीसरे नंबर पर है. भारत इस लिस्ट में अब छठवें नंबर पर है.
भारत की रैंकिंग क्यों गिरी?
रैंकिंग में गिरावट का मुख्य कारण भारतीय मुद्रा रुपये का अवमूल्यन है. वैश्विक आर्थिक रैंकिंग डॉलर में मापी जाती है और पिछले एक साल से भारतीय रुपया दबाव में है. अमेरिका में निवेश पर मिलने वाला रिटर्न तेजी से बढ़ रहा है. इसके कारण भारत समेत सभी उभरते बाजारों की करेंसी कमजोर हो रही हैं.
जल्द वापसी करेगा भारत
IMF के अनुमानों के मुताबिक, भारत बहुत ज्यादा समय तक ब्रिटेन से पीछे नहीं रहेगा. यह 2027 तक फिर से चौथी पोजिशन पर वापस आ जाएगा. 2027 में भारत की GDP के .58 ट्रिलियन तक पहुंचने का अनुमान है. हालांकि, IMF द्वारा दिए गए संशोधित अनुमानों के अनुसार, भारत 2031 तक ही दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को मामले में तीसरे नंबर पर पहुंच पाएगा. 2031 तक भारत की जीडीपी 6.79 ट्रिलियन डॉलर की होगी जो कि जापान के 5.13 ट्रिलियन से ज्यादा है.
जोखिम अब बढ़ गए हैं
भारत के मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा है कि देश की आर्थिक वृद्धि मजबूत बनी हुई है. लेकिन, बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताएं आने वाले महीनों में भविष्य की दिशा पर असर डाल सकती हैं. ने यूएस-इंडिया इकोनॉमिक फोरम 2026 में बोलते हुए वी. अनंत नागेश्वरन ने कहा कि भारत ने हाल के वर्षों में अच्छी ग्रोथ बनाए रखी है, लेकिन बाहरी जोखिम अब और बढ़ गए हैं. भारत की जीडीपी ग्रोथ वित्त वर्ष 2026 मार्च तक के लिए 7.6 प्रतिशत अनुमानित है. देश कोविड के बाद लगातार सात प्रतिशत से ज्यादा ग्रोथ का सिलसिला जारी रखे हुए है. उन्होंने यह भी बताया कि नए वित्त वर्ष की शुरुआत में भी आर्थिक गति मजबूत बनी हुई है. कृषि, मैन्युफैक्चरिंग और सर्विस सेक्टर तीनों अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं.
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