सोना खरीदना हमेशा से भारतीयों की पसंद रहा है. इसे अमीरी की निशानी भी माना जाता है. साथ ही यह निवेश के लिहाज से भी काफी अच्छा मुनाफा देता रहा है. लेकिन, पिछले कुछ दिनों से सोना-चांदी के भावों से काफी उतार चढ़ाव देखा गया है. लोगों के जीवन में कई बार ऐसे मौके आते हैं जब सोना खरीदना जरूरी समझा जाता है. साथ ही कई बार ऐसा भी होता है कि लोग अपने शौक को पूरा करने के लिए इस कीमती धातु को खरीदकर अपने घर ले आते हैं. वहीं, कुछ लोग निवेश करके मुनाफा कमाने के लिए भी सोना खरीदते हैं. Also Read - Gold Prices Today 5 December 2020: फिर सोने में आई गिरावट, चांदी भी हुई कमजोर, खरीदारी से पहले जानें ताजा भाव

कोरोना वायरस के दौर में सोने में निवेश काफी तेजी से बढ़ा है, जिसकी वजह से सोना-चांदी के भावों में जबरदस्त उछाल देखा गया है. इस बीच दोनों ही कीमती धातुओं ने रिकॉर्ड उच्च स्तर को भी छुआ. Also Read - Gold Price Today 4 December 2020: लगातार दूसरे दिन सोने के दाम में उछाल, 481 रुपये की आई बढ़त, जानें आज का ताजा भाव

आइए, जानते हैं कि सोना-चांदी खरीदने से पहले आपको किन बातों का ध्यान रखना चाहिए. इसके साथ यह भी जानना बेहद जरूरी है कि सोना बेचने पर आपको कितना टैक्स चुकता करना होगा? Also Read - Gold-Silver Price Today: सस्ता हुआ सोना, चांदी की कीमत में भी आई गिरावट, कहीं ये वजह तो नहीं...

सोने के भाव बाजार में ज्वैलरी के वजन और कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होती हैं. लेकिन, सोने की ज्वैलरी खरीदने पर इसकी कीमत और मेकिंग चार्ज पर 3 फीसदी जीएसटी चुकाना पड़ता है. ज्वैलरी का भुगतान आप किसी भी तरीके से करिए, लेकिन इस पर आपको तीन फीसदी जीएसटी चुकाना ही होगा. डिजिटल ट्रांजैक्शन बढ़ने के बाद से लोगों ने सोना नगद में खरीदना कम कर दिया है. लेकिन, यह बिल्कुल साफ है कि सोना खरीदने पर आप भुगतान चाहे जिस भी माध्यम से करें, उस पर जीएसटी चुकाना ही पड़ेगा.

अब आपने सोना खरीद तो लिया लेकिन कभी इस बात भी पर भी गौर किया कि जब आप सोना बेचने के लिए बाजार में जाएंगे तो उस पर भी आपको टैक्स देना होगा. यह बात शायद बहुत कम लोग ही जानते होंगे कि सोना खरीदने के साथ ही सोना बेचने पर भी टैक्स लगता है. सोना बेचते समय यह देखा जाता है कि यह ज्वैलरी आपके पास कितने वक्त से है, क्योंकि उस अवधि के हिसाब से उस पर टैक्स लागू होगा. सोने पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स चुकाना पड़ता है.

सोने पर शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स तब लगेगा जब खरीद की तारीख से 3 साल के अंदर आप ज्वैलरी बेचने जाते हैं. इस नियम के मुताबिक आपको टैक्स चुकता करना पड़ेगा. ज्वैलरी बेचने पर आपकी जितनी कमाई हुई है उस कमाई पर इनकम टैक्स स्लैब के हिसाब से टैक्स देना होगा.

वहीं, तीन साल या उससे ज्यादा पुरानी ज्वैलरी बेचने पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन के हिसाब से टैक्स चुकाना पड़ेगा. लान्ग टर्म कैपिटल गेन के मुताबिक, टैक्स की दर 20.80 फीसदी होगी. यह व्यवस्था बजट में ही की गई थी कि लान्ग टर्म कैपिटल गेन पर 3 फीसदी से बढ़ाकर सेस 4 फीसदी कर दिया गया. टैक्स की दर में सेस शामिल है. हालांकि, उससे पहले तक सोना बेचने पर 20.60 फीसदी लान्ग टर्म कैपिटल गेन देना पड़ता था.