IRCTC News today on 14 May: कोरोना संकट के कारण लॉकडाउन के बीच केंद्र सरकार ने सीमित तरीके से ट्रेनों की आवाजाही शुरू कर दी है. इस तरह हर रोज अब हजारों लोग सफर कर रहे हैं. लेकिन सरकार ने ट्रेनों में सफर के नियम पूरी तरह से बदल दिए हैं. ट्रेन में सवार होने से पहले स्टेशन पर अब यात्रियों की स्क्रीनिंग हो रही है. टिकट कंफर्म होने के बावजूद अगर किसी यात्री में स्क्रीनिंग के दौरान कोरोना के लक्षण दिखते हैं तो उसे यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि उस व्यक्ति के टिकट का क्या होगा? क्योंकि सरकार यात्रियों से राजधानी ट्रेन के किराये इनता किराया वसूल रही है. ऐसे में क्या यात्री का वह पैसा डूब जाएगा. Also Read - बीसीसीआई को भरोसा, भारत से टी20 विश्व कप की मेजबानी छीनकर 'आत्महत्या' नहीं करेगी ICC

दरअसल, रेलवे ने कहा है कि कोरोना वायरस के लक्षण होने के कारण जिन यात्रियों को रेलगाड़ी में सफर करने की अनुमति नहीं दी जा रही, ऐसे लोगों को टिकट के पूरे पैसे लौटाए जाएंगे. गृह मंत्रालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, सभी यात्रियों की अनिवार्य रूप से स्क्रीनिंग की जाएगी और केवल ऐसे लोगों को ही ट्रेन में यात्रा करने की अनुमति दी जाएगी, जिनमें बीमारी के कोई लक्षण नहीं होंगे. Also Read - लॉकडॉउन में दिल्‍ली के एक किसान की दरियादिली, प्‍लेन से 10 प्रवासी श्रमिकों को भेज रहा बिहार

आदेश में कहा गया, ‘अगर स्क्रीनिंग के दौरान यात्री के शरीर का तापमान अधिक है अथवा उसमें कोविड-19 के लक्षण आदि हैं तो कन्फर्म टिकट होने के बावजूद उसे यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी. ऐसे मामले में यात्री को टिकट के पूरे पैसे लौटाए
जाएंगे.’ Also Read - Coronavirus In World Update: पूरी दुनिया कोरोना के खौफ में, अमेरिका में मौत का आंकड़ा 1 लाख के करीब, जानें बड़े देशों का हाल

इसमें कहा गया कि अगर एक ही टिकट पर कई लोग यात्रा कर रहे हैं और एक यात्री को सफर करने के लिए अयोग्य पाया जाता है और वे सभी यात्रा नहीं करना चाहते तो उस टिकट का पूरा पैसा लौटाया जाएगा. इसी तरह, अगर एक यात्री के अयोग्य होने पर समूह के अन्य लोग यात्रा करना चाहते हैं तो केवल एक यात्री का किराया वापस किया जाएगा.

(इनपुट भाषा)