irctc news today 19 may: भारतीय रेलवे ने देश में लॉकडाउन का चौथा चरण शुरू होने के बावजूद आम लोगों के लिए ट्रेन सेवाओं को पूरी तरह नहीं खोला है. रेलवे 12 मई से दिल्ली से देश के विभिन्न राज्यों के लिए 15 जोड़ी ट्रेन चला रहा है. लेकिन 17 मई को लॉकडाउन 3.0 खत्म होने के बाद लोगों को उम्मीद थी कि लॉकडाउन के चौथे चरण में सरकार कुछ और राहत देगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ. Also Read - IRCTC NEWS: अगर IRCTC अकाउंट में मोबाइल नंबर, एड्रेस और ई-मेल नहीं किया अपडेट तो बुकिंग में उठानी पड़ सकती है परेशानी

केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि लॉकडाउन के चौथे चरण यानी 31 मई तक कोई ट्रेन या हवाई सेवा नहीं चलने वाली. फिलहाल के लिए केवल 15 जोड़ी ट्रेनें ही चलेंगी. वैसे इन 15 जोड़ी ट्रेनों और लॉकडाउन खुलने के बाद चलने वाली ट्रेनों के लिए रेलवे ने कई दिशानिर्देश जारी किए हैं. जब आप टिकट बुक कराने के लिए आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर जाते हैं तो आपके सामने सबसे पहले एक पॉपअप खुलता है. इसका नाम COVID 19 Alert है. इसमें कई निर्देश दिए गए हैं. जो इस प्रकार हैं… Also Read - रेलवे ने यात्रियों को लौटाए 1885 करोड़ रुपए, कोरोना के चलते रद्द किए गए थे ट्रेनों के टिकट

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1. COVID 19 के दौरान यात्रा के बीच अपने स्वास्थ्य के लिए आप खुद जिम्मेवार हैं.
2. यात्रा के दौरान मास्क का इस्तेमाल करें, सोशल डिस्टेंस मेंटेन करें और हाथ धोते रहें.
3. यात्रा के दौरान आप अपने मोबाइल में आरोग्य सेतू ऐप डाउनलोड करें. यात्रा के लिए यह जरूरी है.
4. सभी यात्री इस बात को समझ लें कि गंतव्य पर पहुंचने के बाद आपको उस राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के नियमों के हिसाब से स्वास्थ्य संबंधी जांच करवाना होगा.
5. 30 जून 2020 तक रद्द की गईं ट्रेनों में टिकट कराने वालों को irctc की ओर से ऑटोमेटिकली फुल रिफंड दिया जाएगा. ऐसे यात्रियों को अपना ई-टिकट रद्द कराने की जरूरत नहीं है.
6. ट्रेन में कैटरिंग सर्विस नहीं है और किराये में कैटरिंग चार्ज नहीं लिया गया है.
7. कोई कंबल और चादर नहीं दिया जा रहा है.

गौरतलब है कि रविवार को केंद्र सरकार ने लॉकडाउन को 31 मई तक बढ़ा दिया था. वैसे लॉकडाउन 4.0 में कई रियायतें दी गई हैं और काफी कुछ राज्य सरकारों को तय करना है. लेकिन केंद्र सरकार ने एक बार फिर लोगों की उम्मीद के उलट रेलवे के खोलने से साफ इनकार कर दिया है. वैसे राज्यों के बीच बसों और सड़क परिवहन के अन्य साधनों को लेकर नरमी बरती गई है. यह तय करने का अधिकार राज्यों को दे दिया गया है.