निर्यात 1 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है आईटी : पीयूष गोयल

वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि निर्यात को 1 लाख करोड़ डॉलर तक पहुंचाने में आईटी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है. उन्होंने कहा कि आईटी उद्योग नई प्रौद्योगिकी और उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करके सेवा निर्यात में बड़ा योगदान दे सकता है, जो भारत को इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर एक बड़ी भूमिका में ला सकता है.

Updated: January 17, 2022, 8:23 AM IST

केंद्र सरकार विकास में तेजी लाने के लिए सेवा क्षेत्र के निर्यात (Export of Service Sector) को एक दशक के दौरान बढ़ाकर एक लाख करोड़ डॉलर करने में मदद करेगी. केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने भारत की शीर्ष आईटी कंपनियों (IT Companies) के मार्गदर्शकों को आश्वासन दिया है कि केंद्र सरकार विकास में तेजी लाने के लिए इस क्षेत्र को पूर्ण समर्थन प्रदान करेगी. वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने कहा कि सेवा क्षेत्र के निर्यात को एक दशक के दौरान बढ़ाकर एक लाख करोड़ डॉलर करने में मदद की जाएगी.

गोयल ने कहा कि भारत इस वर्ष 400अरब डॉलर के अपने व्यापारिक निर्यात लक्ष्य (Trade Export Target) को हासिल करने की दिशा में अग्रसर है, जबकि सेवा निर्यात करीब 240 अरब डॉलर से 250 अरब डॉलर होने की संभावना है, जो काफी कम है, लेकिन इसमें तेजी से बढ़ोतरी हो सकती है और यह व्यापारिक निर्यात की रफ्तार पकड़ सकता है.

पीयूष गोयल ने कहा, “जब मैं इनकी वक्ररेखा को देखता हूं- व्यक्तिगत रूप से मेरा मानना है कि यह शीर्ष स्तर की ओर तेजी से बढ़ रही है. हम एक लाख करोड़ डॉलर का लक्ष्य रख सकते हैं. यही उद्देश्य व लक्ष्य होना चाहिए. आपको उसे हासिल करने के लिए बस थोड़ा-सा जोर लगाना है. अगर आप इससे अधिक तेज रफ्तार के साथ एक लाख करोड़ डॉलर के आंकड़े को पार करेंगे तो मुझे मुझे खुशी होगी.”

गोयल ने टियर-2 और टियर-3 के शहरों में आईटी हब शुरू करने के आईटी उद्योग के प्रस्ताव का स्वागत किया, जिससे अनेक नौकरियां पैदा होंगी और क्षेत्रों के विकास में मदद मिलेगी. उन्होंने कहा कि आईटी उद्योग को कस्बों की पहचान करनी चाहिए और केंद्र उन्हें सभी आवश्यक बुनियादी ढांचे तथा सुविधाएं प्रदान करने में मदद करेगा.

उन्होंने कहा कि आईटी उद्योग नई प्रौद्योगिकी और उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करके सेवा निर्यात में बड़ा योगदान दे सकता है, जो भारत को इस क्षेत्र में वैश्विक स्तर पर एक बड़ी भूमिका में ला सकता है.

सप्ताह के आखिर में एक वर्चुअल बैठक के दौरान मंत्री ने आईटी उद्योग (IT Industry) के नेताओं से कहा कि उन्हें उच्च प्रौद्योगिकी वाले उत्पादों पर ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि आईटी उद्योग ने अपने दम पर शानदार विकास दर्ज किया है और कई शीर्ष कंपनियां ऐसे समय में वृद्धि हासिल की हैं, जब भारत ने स्टार्टअप के लिए अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र बनाने पर ध्यान नहीं दिया.

गोयल ने कहा कि उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) आईटी उद्योग को तेजी से वृद्धि हासिल करने और भारत के सेवा निर्यात में योगदान करने में मदद करने के लिए आवश्यक कोई भी सहायता प्रदान करेगा.

वर्चुअल बैठक में नैसकॉम के अध्यक्ष देबजानी घोष, इंफोसिस के सीईओ सलिल पारेख, टेक महिंद्रा के सीईओ और एमडी सी.पी. गुरनानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी स्टार्टअप फ्रैक्टल एनालिटिक्स के सह-संस्थापक और सीईओ श्रीकांत वेलामकन्नी, एम्फैसिस के सीईओ नितिन राकेश, विप्रो के अध्यक्ष ऋषद प्रेमजी और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में बिजनेस एंड टेक्नोलॉजी सर्विसेज के प्रमुख आदि ने हिस्सा लिया.

आईटी उद्योग के नेताओं ने कहा कि इस क्षेत्र में पिछले साल मजबूत वृद्धि देखी गई थी और पिछले सप्ताह, कंपनियों की आय में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे आने वाले वर्षो के लिए सकारात्मक संकेत मिल रहा है.

(With IANS Inputs)

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