श्रीनगर/नई दिल्ली: जेएंडके बैंक के खिलाफ भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो के कार्रवाई करने के कुछ दिन के अंदर आयकर विभाग ने कथित
अनियमितताओं के संबंध में मंगलवार को जांच शुरू की और श्रीनगर नगर निगम के एक वरिष्ठ पदाधिकारी की कारोबारी कंपनी के 10 परिसरों पर छापेमारी की. अधिकारियों ने यह जानकारी दी.Also Read - 60 हजार रुपये में बेची गई दिल्ली की नाबालिग लड़की, साले से शादी कराना चाहता था राजस्थान का गोपाल लेकिन....

आयकर अधिकारियों ने कहवा ग्रुप के श्रीनगर स्थित आठ परिसरों और दिल्ली एवं बेंगलुरु स्थित एक-एक परिसर पर छापा मारा.
कहवा ग्रुप के संस्थापक शेख इमरान नगर निगम में उपमहापौर हैं. उन्होंने बताया कि कश्मीर घाटी में श्रीनगर के बोहरी कदल और
आस-पास के सात इलाकों में छापेमारी की गई. Also Read - बिहार- यूपी से गए थे कश्‍मीर परिवार को गरीबी से निकालने, आतंकियों ने छीन लीं सांसें, घरों में पसरा मातम

अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई हाल में बैंक के मामलों में उजागर हुई अनियमितताओं से संबंधित है और राज्य के भ्रष्टाचार
रोधी ब्यूरो ने छापेमारी की. उन्होंने आरोप लगाया कि 120 करोड़ रुपए की बकाया राशि का भुगतान न कर पाने की वजह से जम्मू
कश्मीर बैंक में कहवा समूह के 23 खातों को गैर निष्पादित आस्तियां घोषित कर दिया गया. उस समय इमरान इसके अध्यक्ष थे.
कर्ज न चुका पाने की वजह से कहवा समूह के खिलाफ कार्रवाई चल रही है. Also Read - Jammu and Kashmir: सेना की कार्रवाई से बौखलाए आतंकवादी, बिहार और यूपी के दो विक्रेताओं की गोली मारकर हत्या की

अधिकारियों ने बताया कि आयकर विभाग को इस संबंध में हेराफेरी और वित्तीय अनियिमितताओं का अंदेशा था और इसलिए आगे की जानकारी, सबूत और दस्तावेज जुटाने के लिए छापेमारी की जा रही है.

भ्रष्टाचार में लिप्तता के आरोप में बैंक के अध्यक्ष परवेज अहमद को हटाए जाने की पृष्ठभूमि में यह कार्रवाई सामने आई है. उनके
खिलाफ भाई-भतीजावाद और पक्षपात के आरोप भी थे.

अहमद के खिलाफ एसीबी की कार्रवाई का उल्लेख करते हुए एक सरकारी अधिकारी ने इस सप्ताह के शुरु में नाम नहीं जाहिर करने
की शर्त पर बताया था कि पिछले दरवाजे से नियुक्तियां करने, अनियिमितताएं, लूट और हेराफेरी की जांच का उद्देश्य बैंक में व्यवस्था की खामी दूर करना है. जम्मू कश्मीर बैंक में राज्य सरकार की 59 फीसदी हिस्सेदारी है.