ITR filing last date: सरकार ने व्यक्तिगत आयकरदाताओं (Individual Income Tax Payers) को राहत देने के लिए लिए वित्त वर्ष 2019-20 (Financial Year 2019-20) के लिए आयकर रिटर्न (Income Tax Return) दाखिल करने की अंतिम तिथि को अब 10 जनवरी 2021 तक बढ़ा दिया है. इसके साथ कंपनियों के लिए रिटर्न दाखिल (ITR) करने की समय सीमा को 15 दिन बढ़ाकर 15 फरवरी कर दिया है. Also Read - Budget 2019: बजट में चाहते हैं टैक्स-छूट तो मोदी सरकार को दें सलाह, विशेषज्ञों ने भी की सिफारिश

जिन करदाताओं (Individual Income Tax Payers) ने अभी तक अपना रिटर्न (ITR) दाखिल नहीं किया है, वे जल्दी कर लें. वर्ना उनके ऊपर जुर्माना भी लगाया जा सकता है. Also Read - अरुण जेटली ने की बजट की तारीफ, कहा- सरकार के उठाए गए कदमों का ही विस्तार है नई आयकर छूट

अगर आप नौकरीपेशा हैं तो आपको हाउस रेंट अलाउंस (HRA) जरूर मिलता होगा, क्योंकि यह वेतन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. यहां पर हम आपको HRA पर मिलने वाले टैक्स छूट के बारे में बताने जा रहे हैं. आइए, जानते हैं हाउस रेंट के जरिए आप कितना टैक्स बचा सकते हैं. Also Read - oil prices, HRA payout impact inflation says RBI | तेल, एचआरए, राजकोषीय चूक से महंगाई बढ़ने का खतरा : आरबीआई

बता दें, हाउस रेंट अलाउंस (HRA) कर्मचारी को दिया जाने वाला एक भत्ता होता है. यह नियोक्ता द्वारा अपने कर्मचारी को उनके घर का किराया चुकाने के लिए दिया जाता है. इनकम टैक्स कानून के अनुसार, HRA पर कर छूट सेक्शन 10(13A) के तहत मिलती है. कुल टैक्सेबल आमदनी की गणना एचआरए को कुल आय से घटाकर की जाती है. लेकिन अगर कर्मचारी अपने घर में रहते हैं और किसी घर के लिए किराया नहीं देते हैं, तो उनका एचआरए टैक्स के दायरे में आता है.

अगर कर्मचारी के पास मकान मालिक के साथ हुआ रेंट एग्रीमेंट है तो उनको एचआरए के तहत टैक्स कटौती का लाभ मिलता है. महानगर में रहने वाले कर्मचारियों को मूल वेतन के 50 फीसदी तक और छोटे शहरों में रहने वाले कर्मचारियों को बेसिक सैलरी का 40 फीसदी तक एचआरए के तहत यह लाभ दिया जाता है. इसके अतिरिक्त कुल वार्षिक आय का 10 फीसदी मकान किराए के रूप में चुकाने पर भी इसका लाभ मिलता है.

यदि किराए के रूप में आपने प्रति महीने 15,000 रुपये या साल में एक लाख रुपये से ज्यादा किराया चुकाया है, तो छूट पाने के लिए मकान मालिक का पैन नंबर देना भी अनिवार्य है.