बीजिंग: दुनिया की सबसे बड़ी ई- वाणिज्य कंपनी अलीबाबा समूह के संस्थापक जैक मा ने मंगलवार को अपना पद छोड़ दिया. वह ऐसे समय कंपनी के चेयरमैन पद से हट रहे हैं, जब अमेरिका- चीन के बीच व्यापार युद्ध के चलते तेजी से बदलते उद्योग क्षेत्र में अनिश्चितता का दौर चल रहा है.

जैक मा ने मंगलवार को अपना पद छोड़ दिया लेकिन उनका चेयरमैन पद से हटने का कार्यक्रम एक साल पहले तय कर लिया गया था. हालांकि, वह अलीबाबा पार्टनरशिप के सदस्य बने रहेंगे. यह 36 लोगों का समूह है, जिन्हें कंपनी के निदेशक मंडल में बहुमत सदस्यों को नामांकित करने का अधिकार है.

55 साल के जैक मा ने 1999 में अलीबाबा की स्थापना की थी. उन्होंने चीन के निर्यातकों को सीधे अमेरिकी खुदरा विक्रेताओं से जोड़ने के लिए अलीबाबा ई- वाणिज्य कंपनी को खड़ा किया.

इसके बाद कंपनी ने अपना कार्य क्षेत्र बदलते हुए चीन के बढ़ते उपभोक्ता बाजार में आपूर्ति बढ़ाने का काम शुरू किया. जून में समाप्त तिमाही के दौरान कंपनी के 16.7 अरब डालर के कुल कारोबार में उसके घरेलू व्यावसाय का हिस्सा 66 प्रतिशत रहा है.

बता दें कि चीन से ट्रेड वार को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि उनके प्रशासन द्वारा चीन से आयात होने वाले सामान पर लगाए गए शुल्क के कारण चीन को खरबों डॉलर और तीस लाख नौकरियों का नुकसान हुआ है.

ट्रम्प ने जोर देकर कहा कि चीन के खिलाफ अमेरिका बहुत अच्छा कर रहा है. चीन व्यापार समझौता करने को लेकर काफी आतुर है वह किसी भी तरह समझौता करना चाहता है.

दुनिया की इन दो शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं के बीच पिछले साल से व्यापक स्तर पर व्यापार युद्ध चल रहा है, इस युद्ध के चलते दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर अरबों डॉलर के सामान पर जवाबी शुल्क लगाया गया. पिछले 10 महीनों से दोनों देश व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं, लेकिन इसमें अब तक कोई सफलता हाथ नहीं लग सकी है.