रत्न एवं आभूषण उद्योग ने बजट में सोना व चांदी समेत कीमती धातुओं पर आयात शुल्क घटाने के सरकार के निर्णय का सोमवार को स्वागत किया. उद्योग जगत ने कहा कि यह निर्णय रत्न एवं आभूषण क्षेत्र को बढ़ावा देगा तथा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनने में मदद करेगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में सोना व चांदी पर सीमा शुल्क को मौजूदा 12.5 फीसदी से घटाकर 7.5 फीसदी करने का प्रस्ताव किया है. Also Read - तापसी, अनुराग कश्यप पर 2013 में भी छापे पड़े थे, तब मुद्दा नहीं बना था: वित्त मंत्री सीतारमण

इसी तरह सोने के डोर बार पर शुल्क को 11.85 फीसदी से घटाकर 6.9 फीसदी, चांदी के डोर बार पर 11 फीसदी से घटाकर 6.1 फीसदी, प्लैटिनम पर 12.5 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी, सोना-चांदी के फाइंडिंग पर 20 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी और कीमती धातुओं के सिक्कों पर 12.5 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी कर दिया गया है. Also Read - EPFO Subscribers की Income पर लग सकता है बट्टा, सेंट्रल बोर्ड की बैठक में ब्याज दरों में कटौती पर फैसला संभव

हालांकि सोना, चांदी, सोने के डोर बार और चांदी के डोर बार पर 2.5 फीसदी की दर से कृषि बुनियादी संरचना एवं विकास उपकर भी लगेगा. विश्व स्वर्ण परिषद के प्रबंध निदेशक (भारत) सोमासुंदरम पीआर ने कहा, ”कुल मिलाकर बजट उद्योग के लिये सकारात्मक परिणाम लाने वाला है. सोना पर आयात शुल्क को घटाना स्वागतयोग्य कदम है. उम्मीद करते हैं यह कीमती धातुओं पर शुल्क घटाने की श्रृंखला का पहला कदम है.” Also Read - Private Banks Can Get Govt Business: अब कर संग्रह, पेंशन भुगतान और लघु बचत योजनाओं जैसे काम भी करेंगे निजी बैंक

ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल के चेयरमैन अशीष पेठे ने कहा कि आभूषण उद्योग सोना-चांदी पर आयात शुल्क कम करने के लिये वित्त मंत्रालय का आभारी है. उन्होंने कहा, ”यह सरकार का स्वागतयोग्य निर्णय है और इससे सर्राफा कारोबारियों के साथ ही अंतिम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने वाली है. सेबी को स्वर्ण एक्सचेंज का नियामक बनाना भी स्वागतयोग्य है.”

हालांकि, उन्होंने सरकार से स्वर्ण मौद्रिकरण योजना को सरल बनाने का अनुरोध किया. पीएनजी ज्वेलर्स के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक सौरभ गाडगिल ने भी इसी तरह के विचार रखते हुए आयात शुल्क कम करने का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि इस कदम का विभिन्न स्तरों पर उद्योग पर सकारात्मक असर होगा.

(Bhasha)