मुंबई: कर्ज निपटान योजना के तहत नरेश गोयल ने जेट एयरवेज के चेयरमैन का पद छोड़ दिया है. यह पद छोड़ते हुए गोयल ने सोमवार को कहा कि उनके लिए कोई भी बलिदान एयरलाइन और उसके 22,000 कर्मचारियों के परिवारों के हितों के संरक्षण से बड़ा नहीं है.Also Read - Rakesh Jhunjhunwala News: उड्डयन क्षेत्र में निवेश की तैयारी में राकेश झुनझुनवाला, जानिए- क्या है आगे का प्लान?

गोयल पिछले 25 साल से परिचालन कर रही एयरलाइन के संस्थापक भी हैं. एयरलाइन की ओर से जारी बयान के अनुसार गोयल ने कहा, ”उनके लिए कोई भी बलिदान एयरलाइन और उसके 22,000 कर्मचारियों के परिवारों के हितों के संरक्षण से बड़ा नहीं है. इन 22,000 कर्मचारियों तथा उनके परिवार की भलाई के लिए मैं जेट एयरवेज के निदेशक मंडल से इस्तीफा दे रहा हूं.” Also Read - एनसीएलटी ने जेट एयरवेज के लिए जालान कलरॉक गठजोड़ की समाधान योजना को मंजूरी दी

गोयल 1992 में कंपनी के चेयरमैन बने थे. गोयल ने कहा, मेरा परिवार इस फैसले में मेरे साथ है. मुझे उम्मीद है कि आप मेरे फैसले का समर्थन करेंगे. आप सभी मुझे याद आएंगे. Also Read - एनसीएलटी ने जेट एयरवेज के लिए कलरॉक-जालान समाधान योजना को मंजूरी दी

बता दें कि वित्तीय संकट के चलते जेट एयरवेज के 80 से ज्यादा विमान खड़े हो चुके हैं. कई सप्ताह के अटकलों के बाद आखिर सोमवार को कर्जदाता समूह ने एयरलाइन के दैनिक कामकाज को देखने, नकदी प्रवाह की निगरानी और संचालन के लिए एक अंतरिम प्रबंधन समिति के गठन को मंजूरी दे दी.