नई दिल्ली: वित्तीय संकट का सामना कर रही जेट एयरवेज कंपनी के पायलटों की यूनियन नेशनल एविएटर्स गिल्ड (एनएजी) ने अपने ताजा बयान में कहा है कि वह एयरलाइन को परिचालन लागत कम करने में पूरा सहयोग कर रही है. हालांकि यूनियन के एक सूत्र ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पायलटों ने लागत कम करने के एयरलाइन के वेतन कटौती प्रस्ताव पर अपनी सहमति नहीं दी है.

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वेतन में कटौती करना चाहती है कंपनी
गौरतलब है कि बढ़ती ईंधन लागत और घटते किरायों के बीच एयरलाइन इस समय वित्तीय संकट का सामना कर रही है. सूत्रों ने बताया कि लागत कटौती के प्रयासों के तहत पूर्ण सेवा विमानन कंपनी ने पायलटों सहित अपने सभी कर्मचारियों से वेतन में भारी कटौती पर सहमत होने को कहा था. वेतन में कटौती की चिंता तथा नौकरियों के संभावित नुकसान के परिप्रेक्ष्य में एयरलाइन ने शुक्रवार को कहा कि वह एक लागत दक्ष ढांचे पर काम कर रही है.

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समाधान ढूंढने में मदद करेगी यूनियन
एनएजी ने अपने सदस्यों को भेजे पत्र में कहा, ‘‘हम अपनी कंपनी का सहयोग करने का प्रयास कर रहे हैं. इसके लिए हम प्रबंधन से मिलेंगे. इसके पीछे मकसद लागत दक्षता के लिए समाधान ढूंढना और अपनी सेवाओं का मापदंड ऊंचा करना है.’’ यूनियन के सदस्यों की संख्या 1,100 से अधिक है. यूनियन का कहना है कि बोइंग 737 मैक्स विमानों को शामिल करने से लागत दक्षता हासिल करने में मदद मिलेगी और सेवाओं का स्तर बेहतर किया जा सकेगा.(इनपुट एजेंसी )