मुंबई: वित्तीय समस्याओं से जूझ रही जेट एयरेवज ने पायलटों और इंजीनियरों के वेतन भुगतान में लगातार दूसरे महीने देरी की है और इसके चलते पायलटों ने भुगतान में चूक को लेकर प्रबंधन के साथ असहयोग की चेतावनी दी है. Also Read - CBSE बोर्ड के छात्रों के लिए दिशानिर्देश जारी, नजदीकी विद्यालयों में जमा कराएं रिपोर्ट

Also Read - Covid-19 Update in India: देश में 24 घंटे में रिकॉर्ड 8,380 केस सामने आए, मृतकों की संख्या 5 हजार के पार

नरेश गोयल प्रवर्तित निजी एयरलाइन नकदी संकट से जूझ रही है. कंपनी को लगातार दो तिमाही में नुकसान हुआ है. कंपनी में संयुक्त अरब अमीरात की राष्ट्रीय विमानन कंपनी एतिहाद की 24 प्रतिशत हिस्सेदारी है. कंपनी को चालू वर्ष की मार्च तिमाही में 1,036 करोड़ रुपये का घाटा हुआ जो जून तिमाही में बढ़कर 1,300 करोड़ रुपये पहुंच गया. जेट एयरवेज के पायलटों ने इस सप्ताह की शुरूआत में प्रबंधन को लिखे पत्र में कहा कि बिना पूर्व नोटिस के वेतन रोकना गंभीर मामला है और इसको लेकर अगर कोई प्रतिक्रिया होती है तो उसके लिये प्रबंधन पूरी तरह जिम्मेदार होगा. Also Read - महाराष्‍ट्र में कोरोना से आज 85 मौतें के साथ अब तक करीब 2000 मृत, कुल 60 हजार पॉजिटिव केस

बंपर सेल : 25 लाख नेशनल और इंटरनेशनल टिकटों पर 30 प्रतिशत की छूट दे रही है जेट एयरवेज

जेट एयरवेज को भेजे सवाल का फिलहाल कोई जवाब नहीं मिला

पत्र में कहा गया है कि हम यह सलाह देना चाहेंगे कि समय पर वेतन का भुगतान नहीं करने से पायलट असहयोग करेंगे. इस बारे में जेट एयरवेज को भेजे सवाल का फिलहाल कोई जवाब नहीं मिला है. जेट एयरेवज ने जुलाई के वेतन भुगतान में देरी की थी. इससे पहले, कंपनी नपे जून के अंत में कर्मचारियों के वेतन में 25 प्रतिशत तक कटौती का प्रस्ताव किया था लेकिन बाद में पायलटों के यूनियन ‘नेशनल एविएटर्स गिल्ड (एनएजी) तथा इंजीनियरों के विरोध के बाद इसे टाल दिया गया. पायलटों ने कहा कि पूर्व में इस बात पर सहमति बनी थी कि वेतन का भुगतान समय पर किया जाएगा और अगर देरी होती है तो पायलटों को इसकी सूचना समय पर दी जाएगी. उनका कहना है कि हमें अफसोस है कि इस शर्त का पालन नहीं किया गया.