नई दिल्ली: दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो ने प्रतिस्पर्धी कंपनियों भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया लिमिटेड के ऊपर लैंडलाइन नंबरों को मोबाइल नंबर बताकर धोखाधड़ी करने का नया आरोप लगाया है. जियो ने भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) को पत्र लिखकर दोनों प्रतिस्पर्धी कंपनियों पर जुर्माना लगाने की मांग की है.

हालांकि, भारती एयरटेल ने पलटवार करते हुए कहा कि एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क पर जा रहे कॉल को जोड़ने वाले शुल्क (इंटरकनेक्ट यूजेज चार्जेज) को लेकर परामर्श से पहले जियो ट्राई को बरगलाने की कोशिश कर रही है.

जियो ने ट्राई को लिखे पत्र में कहा है कि दोनों प्रतिस्पर्धी कंपनियों ने अपने कॉरपोरेट उपभोक्ताओं को हेल्पलाइन नंबरों के लिए दिए लैंडलाइन नंबरों को मोबाइल नंबर बताकर सरकारी खजाने को चूना लगाया है. इससे उसे भी (जियो को) सैंकड़ो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है.

जियो ने कहा कि इसके साथ ही ऐसा करने से दोनों प्रतिस्पर्धी कंपनियों को गलत तरीके से कमाई हुई. कंपनी ने दोनों प्रतिस्पर्धियों के खिलाफ ट्राई से कार्रवाई करने की मांग की है. वोडाफोन आइडिया ने जियो के इस नए आरोप पर फिलहाल प्रतिक्रिया नहीं दी है.

बता दें कि इंटरकनेक्ट यूसेज चार्ज (आईयूसी) एक तरह का चार्ज होता है जिसे टेलिकॉम कंपनियां उस नेटवर्क को देती हैं जिसपर कॉल एंड होती है, लेकिन वायरलाइन्स पर की जाने वाली मोबाइल वॉइस कॉल्स के लिए कोई आईयूसी चार्ज नहीं लिया जाता है.

(इनपुट-भाषा)