लखनऊ: उत्तर प्रदेश की खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड ने खादी उत्पादों की आनलाइन बिक्री के लिये ई-कामर्स कम्पनी ‘अमेज़न‘ के साथ समझौते पर दस्तखत किये. प्रदेश के खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री सत्यदेव पचैरी ने यहां बताया कि इस करारनामे के तहत अमेज़न इंडिया गांव-देहात के खादी शिल्पकारों और कारीगरों को ‘यूपी खादी‘ ब्रांड के तहत पूरे देश में अमेज़न.इन पर अपने उत्पाद बेचने का प्रशिक्षण देगा. Also Read - Future Reliance Deal: फ्यूचर-रिलायंस सौदे पर यथास्थिति बनाए रखने के फैसले पर दिल्ली हाईकोर्ट की रोक

उन्होंने बताया कि इस आनलाइन पोर्टफोलियो में खादी की शर्ट, धोती, तौलिया, और स्वादिष्ट व्यंजन होंगे जिनकी शहरों में भारी मांग है. इस भागीदारी के माध्यम से अमेज़न इंडिया और उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्राम उद्योग बोर्ड ग्रामीण लोगों को सशक्त करेंगे, उनके लिये रोजगार के अवसर निर्मित करेंगे और खादी एवं ग्राम उद्योग की अर्थव्यवस्था को विकसित करेंगे. Also Read - Jeff Bezos: Amazon के CEO पद से इस्तीफा देंगे Jeff Bezos, एंडी जेसी होंगे नए बॉस

समझौते पर उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से खादी एवं ग्राम उद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने जबकि अमेज़न इंडिया में बिक्री सेवाओं के निदेशक एवं महाप्रबंधक गोपाल पिल्लई ने कम्पनी की ओर से हस्ताक्षर किये. Also Read - Amazon Weird Reply: सामान हो गया था गुम, महिला को कस्टमर सर्विस से मिला ऐसा जवाब, हंसते-हंसते पेट पकड़ लेंगे आप

पचैरी ने कहा कि खादी व्यवसायियों को डिजिटल कनेक्टिविटी मिलने से उन्हें भारत की बढ़ती डिजिटल अर्थव्यवस्था से जोड़कर लाभ पहुंचेगा. उत्पादों को आॅनलाइन बेचने के विकल्प से ग्रामीण व्यवसायी अपनी पहुँच का विस्तार कर सकेंगे, उन्हें अपने उत्पादों का उचित मूल्य मिलेगा, जिससे उनका जीवन स्तर बेहतर होगा.

खादी एवं ग्राम उद्योग बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह ने कहा, ‘‘ अमेज़न इंडिया के साथ इस भागीदारी के जरिये हम इन खादी सोसायटी और ग्राम उद्योगों को अधिकतम अवसर प्रदान करना चाहते हैं और उनकी वृद्धि में सहयोग देना चाहते हैं.’’

अमेज़न इंडिया में बिक्री सेवाओं के निदेशक एवं महाप्रबंधक गोपाल पिल्लई ने कहा कि अमेज़न इंडिया इन उत्पादों को अमेज़न के लाखों ग्राहकों तक ले जाएगी.