One Nation, One Ration Card: वन नेशन वन राशन कार्ड योजना बिल्कुल आपके मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी की तरह है. जैसे एक राज्य से दूसरे में जाने पर आपको सिर्फ नेटवर्क बदलने की जरूरत होती है, लेकिन नंबर वही रहता है. ठीक वैसे ही अब आपका राशन कार्ड भी एक जगह से दूसरे जगह जाने पर नहीं बदलेगा. यानि आप मोबाइल फोन के नंबर की तरह एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने पर अपने राशन कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं.Also Read - Supreme Court: सरकारी नौकरियों में SC/ST को प्रोमोशन में आरक्षण पर कोर्ट का फैसला-मानकों में हस्तक्षेप नहीं करेंगे

एक ही राशन कार्ड से अब आप देश के किसी कोने में रहें, किसी भी राज्य में रहें, वहां आप सरकारी राशन खरीद सकेंगे. इसके लिए किसी नए राशन कार्ड बनाने की जरूरत नहीं होगी. आपका पुराना राशन कार्ड ही इसके लिए पूरी तरह मान्य होगा. Also Read - Adani Wilmer IPO: आज खुल रहा है अडानी विल्मर आईपीओ, निवेश करने से पहले जानें मुख्य बातें

वन नेशन वन राशन कार्ड One Nation, One Ration Card का फायदा कार्ड रखने वाले सभी लोगों को मिलेगा. सबसे बड़ा फायदा प्रवासी मजदूरों को होगा. अब वे किसी भी राज्य से सरकारी रेट पर अनाज ले सकेंगे. Also Read - Engineering Export Goods: भारत के इंजीनियरिंग सामानों का निर्यात 54 फीसदी बढ़ा

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के मुताबिक, देश के 81 करोड़ लोग जन वितरण प्रणाली (PDS) के जरिए राशन की दुकान से 3 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से चावल और दो रुपए प्रति किलो की दर से गेहूं और एक रुपए प्रति किलोग्राम की दर से मोटा अनाज खरीद सकते हैं.

इस योजना के अनुसार ही अब इन 28 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों से सार्वजनिक वितरण प्रणाली-पीडीएस के लाभार्थी 01 अक्टूबर 2020 से अपनी पसंद की किसी भी उचित मूल्य की दुकान (एफपीएस) से एक ही पैमाने और केंद्रीय निर्गम मूल्य पर सब्सिडी वाले खाद्यान प्राप्त कर सकते हैं.

One Nation, One Ration Card, वन नेशन वन राशन कार्ड का फायदा लेने के लिए आपको पास दो जरूरी दस्तावेज होने चाहिए. पहला तो आपका राशन कार्ड और दूसरा आधार कार्ड. अगर आप किसी दूसरे राज्य में जाकर राशन कार्ड का फायदा उठाना चाहते हैं तो आपका वेरिफिकेशन आधार नंबर के जरिए होगा. हर राशन कार्ड की दुकान पर एक इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ सेल डिवाइस होगी. इससे ही आधार नंबर के जरिए लाभार्थी का वेरिफिकेशन होगा.

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि ‘वन नेशन, वन राशन’ कार्ड योजना लागू होने के बाद भी पुराना राशन कार्ड चलता रहेगा. सिर्फ नए नियम के आधार पर उसे अपडेट किया जाएगा, जिससे वो पूरे देश में मान्य होगा. अलग से कोई नया राशन कार्ड बनवाने की जरूरत नहीं है. पहले से जिनके पास राशन कार्ड उन सबको उसी राशन कार्ड के आधार पर वन नेशन वन राशन कार्ड का फायदा मिलेगा.

यह सुविधा पहले से ही 26 राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों आंध्र प्रदेश, बिहार, दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव, गोवा, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, केरल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम, तेलंगाना, त्रिपुरा, उत्तर प्रदेश, जम्मू और कश्मीर, मणिपुर, नागालैंड, उत्तराखंड, लक्षद्वीप और लद्दाख में लागू है. शेष राज्यों / केंद्र शासित प्रदेशों को मार्च 2021 तक राष्ट्रीय पोर्टेबिलिटी में एकीकृत करने का लक्ष्य रखा गया है.