ITR Filing |Investment Options: आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करना करदाताओं के लिए एक जरूरी कवायद है, जिसे हर टैक्स पेयर को करना पड़ता है. आईटीआर फाइल करते समय समय, हर कोई हमेशा आयकर बचाने के रास्ते की तलाश करता है. यहां पर दस ऐसे निवेश के बारे में बताया जा रहा है, जिनके जरिए आप अपनी मेहनत की कमाई को पार्क कर सकते हैं और अच्छा रिटर्न प्राप्त कर सकते हैं. साथ ही, इससे आयकर लाभ भी ले सकते हैं.
इनकम टैक्स बचाना चाहते हैं, लेकिन यह नहीं जानते कि किन वित्तीय साधनों में निवेश करके बचत कर सकते हैं, तो चिंता न करें, हम आपको उन निवेश विकल्पों के बारे में बता रहे हैं, जो इस साल टैक्स बचाने में आपकी मदद कर सकते हैं.
यह एक सरकार समर्थित निवेश योजना है. पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF), का उपयोग मुख्य रूप से सेवानिवृत्ति कोष के निर्माण के लिए किया जाता है. पीपीएफ के साथ, आप धारा 80 सी के तहत 1.5 लाख रुपये की कर छूट का दावा कर सकते हैं. पीपीएफ 15 साल की लॉक-इन अवधि के साथ आता है. हालांकि, आप पीपीएफ खाते से पैसा निकाल सकते हैं या अतिरिक्त 5 वर्षों के लिए इस योजना को जारी रख सकते हैं.
नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) भी सरकार समर्थित निवेश विकल्प है जो आपको रिटायरमेंट फंड बनाने में मदद करता है. एनपीएस का लाभ निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारी दोनों उठा सकते हैं. एनपीएस योजना दो अलग-अलग प्रकार के खातों – टियर 1 और टियर 2 में निवेश करने के विकल्प के साथ आती है. टियर 1 धारा 80CCD(1) और 80CCD(1B) के अंतर्गत आता है, जबकि टियर 2 एक स्वैच्छिक योजना है. टियर 1 में निवेश की जा सकने वाली न्यूनतम राशि 500 रुपये है, जबकि टियर 2 के लिए यह आंकड़ा 1,000 रुपये है.
टैक्स बचाने के प्राथमिक तरीकों में से एक जीवन बीमा योजना में निवेश करना है. जीवन बीमा के साथ, आप धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक की कर छूट का दावा कर सकते हैं. अगर आप यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान में निवेश करना चाहते हैं, तो टैक्स छूट की सीमा बढ़कर 2.5 लाख रुपये हो जाती है.
इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम (ईएलएसएस) म्यूचुअल फंड के साथ आती है जिसमें 3 साल की लॉक-इन अवधि होती है. ELSS आपको शेयर बाजार में सक्रिय रूप से निवेश करने और धारा 80C के तहत टैक्स बचाने में मदद करता है.
टैक्स सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट के साथ, आप सेक्शन 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट का दावा कर सकते हैं. इस योजना के लिए लॉक-इन अवधि 5 वर्ष है जिसमें समय से पहले निकासी का विकल्प नहीं है.
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना को 60 वर्ष से अधिक आयु के लोगों के लिए एक नियमित आय धारा के रूप में पेश किया गया था. यह योजना 7.4 प्रतिशत की ब्याज दर के साथ आती है जिसमें समय से पहले निकासी भी एक विकल्प है.
राष्ट्रीय बचत प्रमाणपत्र योजना भारत सरकार द्वारा समर्थित है. इसका कार्यकाल 5 वर्ष का होता है. निवेश अवधि के अंत में, निवेशक द्वारा सभी पैसे का दावा किया जा सकता है और पूरी परिपक्वता राशि योजना में फिर से निवेश की जाती है. आप योजना में धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक की कर छूट का दावा कर सकते हैं.
सुकन्या समृद्धि योजना बालिकाओं की आर्थिक सहायता के लिए बनाई गई है. इस योजना से आप धारा 80सी के तहत 1.5 लाख रुपये तक की कर छूट का दावा कर सकते हैं.
स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के साथ, आप धारा 80डी के तहत स्वयं, पति या पत्नी और अपने बच्चों के लिए 25,000 रुपये तक की कर छूट का दावा कर सकते हैं. यदि वरिष्ठ नागरिकों के लिए प्रीमियम का भुगतान किया जाता है तो सीमा 50,000 रुपये तक जाती है.
होम लोन योजना के तहत, आप धारा 80सी के तहत मूलधन के पुनर्भुगतान पर 1.5 लाख रुपये तक की कर छूट का दावा कर सकते हैं. अगर होम लोन दो लोगों द्वारा संयुक्त रूप से लिया गया है, तो दोनों टैक्स छूट के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसके अतिरिक्त, आप धारा 24 के तहत ब्याज पर 2 लाख रुपये तक की कर छूट का दावा कर सकते हैं. पहली बार घर खरीदने वालों के लिए, 50,000 रुपये की अतिरिक्त कर छूट उपलब्ध है. हालांकि, ऋण राशि 35 लाख रुपये से कम और संपत्ति का मूल्य 50 लाख रुपये से कम होना चाहिए.
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