Lakshmi Vilas Bank News Update: बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में संकटग्रस्त लक्ष्मी विलास बैंक के DBS बैंक इंडिया लिमिटेड में विलय के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी गई. मंत्रिमंडल की बैठक में एटीसी ( ATC) में एफडीआई (FDI) को भी मंजूरी मिल गई. इसके अलावा, नेशनल इनवेस्टमेंट ऐंड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड में 6,000 करोड़ रुपये के निवेश को भी बैठक में मंजूरी दी गई. Also Read - Lakshmi Vilas Bank News: लक्ष्मी विलास बैंक के प्रमोटर्स को बॉम्बे हाई कोर्ट से नहीं मिली अंतरिम राहत

केंद्रीय कैबिनेट मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्रिमंडल के निर्णयों की जानकारी दी. Also Read - Lakshmi Vilas Bank News: आज के बाद नहीं होगी लक्ष्मी विलास बैंक के शेयर की ट्रेडिंग, शेयर धारकों को होगा भारी नुकसान

रिजर्व बैंक ने लक्ष्मी विलास बैंक के डीबीएस (DBS) बैंक में विलय के आदेश दिए थे. ATC Telecom Infra में 2,480 करोड़ के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है. Also Read - Lakshmi Vilas Bank: डीबीएस इंडिया के साथ लक्ष्मी विलास बैंक के अंतिम विलय योजना को आरबीआई ने अगले सप्ताह के लिए टाला

बता दें, टाटा समूह की कंपनी एटीसी के 12 फीसदी शेयर एटीसी पैसिफिक एशिया ने लिये हैं.

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि लक्ष्मी विलास बैंक की आर्थिक स्थिति खराब करने वाले दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी और बैंक के किसी भी कर्मचारी की छंटनी नहीं होगी.

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आज कैबिनेट और आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) की बैठक में कई अहम निर्णय लिये गये. मंत्री ने बताया कि मोदी सरकार का जोर आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा देने पर है. इसके लिए पूंजी जुटाने के लिए अब डेब्ट मार्केट का फायदा उठाया जाएगा.

इसी के तहत नेशनल इनवेस्टमेंट ऐंड इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (NIIF) की स्थापना की गई थी. कैबिनेट ने आज यह निर्णय लिया है कि इसमें 6,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. यह निवेश अगले दो साल में होगा. इससे इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास के लिए बॉन्ड मार्केट के द्वारा एक लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रकम जुटाई जा सकेगी.

गौरतलब है कि भारतीय रिजर्व बैंक ने 17 नवंबर को दक्षिण भारत केंद्रित लक्ष्मी विलास बैंक को एक महीने के मोरेटोरियम पर डाल दिया था. आरबीआई ने बैंक को आदेश दिया था कि अगले एक महीने तक बैंक से कोई भी ग्राहक 25 हजार रुपये से ज्यादा नहीं निकाल पाएगा. आपात स्थिति में बैंक से 5 लाख रुपये निकाले जा सकते हैं. इलाज, शादी, शिक्षा और अन्य जरूरी कामों के लिए यह रकम निकाली जा सकती है, लेकिन इसके लिए ग्राहकों को सबूत भी देना होगा.

लक्ष्मी विलास बैंक की वित्तीय हालत पिछले तीन साल से खराब थी. जून 2020 में बैंक का पूंजी पर्याप्तता अनुपात (Capital Adequacy Ratio) 0.17 फीसदी तक पहुंच गया था, जबकि इसे कम से कम नौ फीसदी होना चाहिए था. वित्त वर्ष 2020 तक बैंक का लोन बकाया 13,827 करोड़ रुपये और जमा 21,443 करोड़ रुपये था.