LIC IPO : केंद्र सरकार ने भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के बहुप्रतीक्षित आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (IPO) के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर्स (BRLM) को अंतिम रूप दे दिया है. चयनित बीआरएलएम में कोटक महिंद्रा कैपिटल कंपनी लिमिटेड, गोल्डमैन सैक्स सिक्योरिटीज, आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज और जेएम फाइनेंशियल शामिल हैं.Also Read - LIC Jeevan Labh Policy: LIC के इस प्लान में रोजाना 233 रुपये निवेश करें, मैच्योरिटी के वक्त पाएं 17 लाख से ज्यादा

अन्य हैं सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स इंडिया, नोमुरा फाइनेंशियल एडवाइजरी एंड सिक्योरिटीज (इंडिया), एक्सिस कैपिटल, डीएसपी मेरिल लिंच और एसबीआई कैपिटल मार्केट. निवेश और लोक संपत्ति प्रबंधन विभाग (दीपम) के सचिव के ट्विटर हैंडल से कहा गया है, “सरकार ने एलआईसी के आईपीओ के लिए बुक रनिंग लीड मैनेजर्स और कुछ अन्य सलाहकारों की सूची को अंतिम रूप दे दिया है.” Also Read - LIC Jeevan Shanti Pension Plan: आजीवन पेंशन पाने के लिए विशेष LIC पॉलिसी में करें निवेश, जानें- क्या है तरीका?

इसके अलावा, सरकार ने प्रस्तावित आईपीओ के लिए केफिनटेक लिमिटेड को रजिस्ट्रार और शेयर ट्रांसफर एजेंट के रूप में चुना है. Also Read - LIC Pay Direct App: इस ऐप के जरिए कर सकते हैं LIC प्रीमियम का भुगतान, जानिए- स्टेप बाय स्टेप क्या है प्रक्रिया?

कॉन्सेप्ट कम्युनिकेशन लिमिटेड को विज्ञापन एजेंसी के रूप में चुना गया है.

जून में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी (सीसीईए) ने आईपीओ को सैद्धांतिक मंजूरी दी थी.

केंद्रीय बजट, 2022 के बाद सरकार ने मेगा आईपीओ का मार्ग प्रशस्त करने के लिए कई विधायी और कार्यकारी कदम उठाए हैं.

वित्त विधेयक 2021 के तहत प्रस्तावित संशोधनों के अनुसार, एलआईसी की अधिकृत शेयर पूंजी 25,000 करोड़ रुपये होगी, जिसे प्रत्येक 10 रुपये के 2,500 करोड़ शेयरों में विभाजित किया जाएगा.

पूंजी बाजार नियामक सेबी ने भी एलआईसी आईपीओ का मार्ग प्रशस्त करने के लिए न्यूनतम सार्वजनिक पेशकश मानदंडों में ढील दी है.

फरवरी में, भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) के बोर्ड ने नियमों में बदलाव की सिफारिश करने का फैसला किया है और कहा है कि बाजार पूंजी 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के लिए, न्यूनतम सार्वजनिक पेशकश (एमपीओ) की आवश्यकता को इश्यू के बाद की बाजार पूंजी का 10 प्रतिशत 10,000 करोड़ रुपये के साथ-साथ 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वृद्धिशील राशि का 5 प्रतिशत कम कर दिया जाएगा.

सरकार को इस साल दिवाली के आसपास आईपीओ लाने की उम्मीद है.

मुख्य आर्थिक सलाहकार (सीईए) के.वी. सुब्रमण्यम, एलआईसी के आईपीओ से सरकार को करीब 1 लाख करोड़ रुपये मिल सकते हैं.

भारतीय जीवन बीमा निगम, एलआईसी अधिनियम 1956 के तहत गठित एक वैधानिक निगम, भारत का एक प्रमुख जीवन बीमाकर्ता है जो पूर्ण रूप से सरकार के स्वामित्व में है. भारत के बाहर इसकी तीन शाखाएं इन देशों हैं – ब्रिटेन, फिजी और मॉरीशस में, सिंगापुर में पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी, और बहरीन, केन्या, श्रीलंका, नेपाल, सऊदी अरब और बांग्लादेश में संयुक्त उद्यम. भारत में इसकी सहायक कंपनियों में एलआईसी पेंशन फंड लिमिटेड और एलआईसी कार्डस सर्विसेज लिमिटेड शामिल हैं.

इसके सहयोगियों में आईडीबीआई बैंक लिमिटेड, एलआईसी म्यूचुअल फंड और एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड शामिल हैं.

(With IANS Inputs)