LIC News: ऐसे पॉलिसीधारक (Policy Holders) जिनकी पॉलिसी किसी कारणवश पैसा नहीं जमा कर पाने के कारण लैप्स हो चुकी है. उनके लिए एलआईसी की तरफ से एक अच्छी खबर आ रही है. एलआईसी (Life Insurance Corporation) ने पॉलिसीधारकों को लैप्‍स हो चुकी पॉलिसी फिर से शुरू करने का एक और मौका दे रही है.Also Read - भारतीय संघर्ष कर रहे हैं और प्रधानमंत्री उनका ध्यान भटकाने में व्यस्त, राहुल गांधी ने मोदी सरकार पर साधा निशाना

बता दें, एलआईसी (LIC) ने यह कदम कोरोना की महामारी के मद्देजनर उठाया है. कंपनी ने पॉलिसीधारकों (LIC Policy Holders) को अपनी ऐसी पॉलिसियों को फिर चालू करने का मौका दिया है जो किसी वजह से बीच में ही बंद हो गईं हैं. एलआईसी ने ऐसी पॉलिसियों को फिर से चालू करने के लिए अभियान चलाया है, जो सात जनवरी से 6 मार्च के बीच तक जारी रहेगा. Also Read - एलआईसी की इस पॉलिसी में हर महीने करें 1, 302 रुपये का निवेश, मैच्योरिटी पर मिलेंगे 28 लाख; यहां पाएं पूरी जानकारी

एलआईसी ने लैप्‍स (Lapsed Policies) हो चुकी पॉलिसियों को फिर चालू करने के लिए सात जनवरी से छह मार्च तक विशेष अभियान चलाने की घोषणा की है. इसके तहत कुछ शर्तों के साथ पॉलिसीधारकों को समय से पहले लैप्‍स हुई पॉलिसियों को फिर चालू करने की अनुमति दी जाएगी. एलआईसी ने अपने 1,526 सैटेलाइट कार्यालयों को ऐसी पॉलिसियों को फिर चालू करने के लिए अधिकृत किया है. ऐसी पॉलिसियों के लिए विशेष चिकित्सा परीक्षण कराने की जरूरत नहीं है. एलआईसी ने बताया, ”स्‍पेशल रिवाइवल कैंपेन के तहत कुछ नियम और शर्तों के साथ विशेष पात्र योजनाओं को प्रीमियम का भुगतान नहीं किए जाने की तारीख से पांच साल के भीतर फिर चालू करने की अनुमति दी जाएगी.” Also Read - सेंसेक्स की शीर्ष 10 कंपनियों का मार्केट कैप 2.29 लाख करोड़ रुपये घटा, LIC को सबसे ज्यादा नुकसान

पात्रता के अनुसार, स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों पर भी कुछ रियायत दी जाएगी. ज्यादातर पॉलिसियों को सिर्फ अच्छे स्वास्थ्य की घोषणा और कोविड-19 पर सवालों के आधार पर फिर से शुरू किया जा सकेगा.

बता दें, एलआईसी ने अपने ग्राहकों (LIC Customers) के लिए इसी तरह का अभियान 10 अगस्त से नौ अक्टूबर, 2020 तक भी चलाया था.

जीवन बीमा निगम (Life Insurance Corporation) ने कहा है कि पॉलिसीधारकों को विलंब शुल्क पर 20 फीसदी या 2,000 रुपये की छूट मिलेगी. वहीं, सालाना प्रीमियम (Yearly Premium) एक लाख से तीन लाख रुपये होने पर 25 फीसदी की छूट मिलेगी.