नई दिल्लीः कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के अंशधारक अब ऑनलाइन भविष्य निधि खाते को आधार से जोड़ सकते हैं. सरकार ने आधार को उमंग मोबाइल एप के जरिए यूनिवर्सल एकाउंट नंबर (यूएएन) से जोड़ने की नई सुविधा शुरू की है. श्रम मंत्रालय ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि ईपीएफओ ने अंशधारकों के लिए यूएएन को आधार से जोड़ने की सुविधा शुरू की है. वे उमंग एप में ईपीएफओ लिंक के जरिये यूनिवर्सल एकाउंट नंबर को आधार से जोड़ सकते हैं. Also Read - Know how to withdraw pension amount: जानिए- प्रोविडेंट फंड (PF) के साथ कटने वाला पेंशन (Pension) का पैसा आपको कब मिलेगा?

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नई सुविधा ईपीएफओ वेबसाइट पर उपलब्ध मौजूद सुविधा के अलावा है. ई-केवाईसी पोर्टल पर बायोमैट्रिक जानकारी का उपयोग कर ऑनलाइन यूएएन को आधार से जोड़ने के लिये नई विशेषता जोड़ी गई है. इसके अलावा डिजिटल इंडिया की दिशा में कदम उठाते हुए ईपीएफओ ने ई-नामांकन सुविधा भी शुरू की है. उमंग या एकीकृत मोबाइल एप्लीकेशन एक एप है जिसे सरकार ने विभिन्न सरकारी सेवाओं को एक जगह उपलब्ध कराने के लिए शुरू किया है. Also Read - Gold News Latest Update: गोल्ड ज्वेलरी खरीदने पर अब देना होगा PAN और Aadhar, डरे ज्वेलर्स

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5 करोड़ से ज्यादा अंशदाता

गौरतलब है कि कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में 5 करोड़ अंशदाता हैं. ईपीएफओ ने वर्ष 2017- 18 के लिये कर्मचारी भविष्य निधि (पीएफ) पर ब्याज दर को घटाकर 8.55 प्रतिशत कर दिया है. इससे पहले वित्त वर्ष में यह दर 8.65 प्रतिशत थी. श्रम मंत्री संतोष गंगवार ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के ट्रस्टियों की बैठक के बाद प्रेस कॉन्‍फ्रेंस में कहा था कि मौजूदा आर्थिक परिदृश्य को देखते हुए भविष्य के बारे में मूल्यांकन करना मुश्किल है. हमने पिछले साल 8.65 प्रतिशत की दर से ब्याज दिया जिसके बाद 695 करोड़ रुपये का अधिशेष बचा है.

सीबीटी लेती है फैसले

इस साल हमने 2017-18 के लिये 8.55 प्रतिशत की दर से ब्याज देने की सिफारिश की है इससे 586 करोड़ रुपये का अधिशेष बचेगा. ईपीएफओ की शीर्ष निर्णय लेने वाली संस्था केन्द्रीय न्यासी बोर्ड (सीबीटी) है जिसके प्रमुख श्रम मंत्री होते हैं. कर्मचारी भविष्य निधि पर ब्याज दर के बारे में सीबीटी के फैसले के बाद वित्त मंत्रालय इसकी पुष्टि करता है. वित्त मंत्रालय की मंजूरी मिलते ही भविष्य निधि अंशधारकों के खाते में ब्याज की राशि डाल दी जाती है.