LPG Cylinder Latest News Update: हाल के महीनों में देश के 15 राज्यों के चुनिंदा जिलों में रसोई गैस सिलेंडर पर सब्सिडी का लाभ दिया जा रहा था. लेकिन अब यह संख्या घटकर केंद्र शासित प्रदेशों समेत 8 राज्यों पर आ गई है. इन राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में लद्दाख, लक्षद्वीप, अंडमान-निकोबार और कुछ उत्तर-पूर्वी राज्य शामिल हैं. यहां एलपीजी सब्सिडी की व्यवस्था चलती रही.Also Read - LPG Cylinder Price Hike: 15 रुपये प्रति सिलेंडर बढ़े एलपीजी के दाम, छोटू सिलेंडर की कीमत बढ़कर 502 रुपये पर पहुंची

क्या आने वाले समय में 1000 तक पहुंच जाएगी सिलेंडर की कीमत? Also Read - CNG-PNG Price Hike: तेल, गैस के दाम बढ़ने के बाद सीएनजी-पीएनजी की कीमतों में आ सकता है उछाल

रसोई गैस सिलेंडर के इतने ऊंचे दाम पर सरकार की क्या राय है, ऐसी कोई खबर सामने नहीं आई है. लेकिन सरकार के आंतरिक आकलन से पता चला है कि उपभोक्ता एक सिलेंडर के लिए 1000 रुपये तक देने को तैयार हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बढ़ी हुई कीमत पर एलपीजी सब्सिडी को लेकर सरकार की क्या राय है, इस बारे में कुछ भी स्पष्ट नहीं है. Also Read - LPG Cylinder Booking Bumper Offer: एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग पर बंपर ऑफर, जानिए- कितना मिल रहा है लाभ?

सूत्रों के मुताबिक एलपीजी सिलेंडर को लेकर सरकार दो रुख अपना सकती है. पहले या तो सरकार बिना सब्सिडी के सिलेंडर की आपूर्ति करे. दूसरा, कुछ चुनिंदा उपभोक्ताओं को भी सब्सिडी का लाभ दिया जाए. सब्सिडी देने के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा गया है. लेकिन यह स्पष्ट है कि 10 लाख रुपये की आय का नियम लागू रहेगा और कुछ चुनिंदा उज्ज्वला लाभार्थियों को सब्सिडी का लाभ मिलेगा.

सब्सिडी बंद है या चालू?

कुछ जगहों पर पिछले कई महीनों से रसोई गैस पर सब्सिडी बंद है और यह नियम मई 2020 से चल रहा है. यह कदम देश में कोविड महामारी के दौरान कच्चे तेल और गैस की अंतरराष्ट्रीय बाजार की कीमतों में गिरावट के बाद उठाया गया है. हालांकि सरकार ने एलपीजी सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी को पूरी तरह से बंद नहीं किया है और यह प्रावधान देश के दूर-दराज के इलाकों में जारी है.

सब्सिडी पर इतना खर्च कर रही सरकार

सब्सिडी पर सरकार के खर्च पर नजर डालें तो वित्त वर्ष 2021 के दौरान डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी डीबीटी के तहत 3,559 रुपये खर्च किए गए. वित्त वर्ष 2020 में यह खर्च 24,468 करोड़ रुपये था. डीबीटी योजना जनवरी 2015 में शुरू की गई थी जिसके तहत ग्राहकों को बिना सब्सिडी वाले एलपीजी सिलेंडर के लिए पूरी राशि का भुगतान करना होता है जबकि सब्सिडी का पैसा सरकार द्वारा उपभोक्ता के बैंक खाते में वापस कर दिया जाता है. यह रिफंड डायरेक्ट होता है, इसलिए इस स्कीम का नाम डीबीटीएल है.

1 सितंबर को सरकार ने रसोई गैस सिलेंडर के दाम में 25 रुपये की बढ़ोतरी की थी. यह बढ़ोतरी 14.2 किलो के घरेलू सिलेंडर पर की गई थी. इस बढ़ोतरी के साथ ही दिल्ली में सिलेंडर की कीमत 884.50 रुपये हो गई है. मुंबई में 14.2 किलो के रसोई गैस सिलेंडर की कीमत फिलहाल 884.50 रुपये और चेन्नई में 900.50 रुपये है.