LPG Subsidy Price: क्या आप जानते हैं…पिछले तीन साल में एलपीजी सिलिंडर पर आपको मिलने वाली सब्सिडी(LPG Subsidy Price) में 203 रुपये तक की कमी आयी है. पिछले महीने एलपीजी ग्राहकों के खाते में लगभग 79 रुपये सब्सिडी (gas subsidy) मिली, जबकि एलपीजी सिलिंडर की कीमत(gas cylinder price in bihar) 692 रुपये थी. वहीं, दिसंबर 2020 में सिलिंडर की कीमत 792 रुपये होने के बावजूद बढ़ी हुई सब्सिडी नहीं मिली है. कई उपभोक्ताओं ने इस महीने बढ़ी हुई कीमत पर सिलिंडर बुक कराया, लेकिन उनके खाते में सब्सिडी नहीं पहुंची. Also Read - LPG Subsidy Latest Update 2021: एलपीजी पर सब्सिडी पाने के लिए क्या Aadhaar है जरूरी, Photos

मिली जानकारी के अनुसार वर्ष दिसंबर 2018 में एलपीजी सिलिंडर की कीमत 906 रुपये थी, तब सरकार ने ग्राहकों के खाते में 396.22 रुपये जमा करवाया था. इस प्रकार ग्राहकों को 510 रुपये देना पड़ा था. इसी तरह मार्च में 2019 में सिलिंडर की कीमत 794.50 रुपये थी, तब ग्राहकों के खाते में 290.18 रुपये सब्सिडी के जमा हुए थे. तब उनको गैस सिलिंडर के लिए 504 रुपये देना पड़ा था. Also Read - LPG Cylinder Booking by Missed Call: नए साल में बदल गया नियम, अब कॉल नहीं केवल इस नंबर पर 'मिस्ड कॉल' से बुक होगी रसोई गैस

वहीं, मई 2019 में एलपीजी सिलिंडर की कीमत 805.50 रुपये थी, मार्च में केंद्र सरकार ने ग्राहकों के खाते में 300.64 रुपये सब्सिडी दी थी. तब उनको मूल रूप से 505 रुपये देने पड़े थे. वर्ष 2020 के जनवरी माह में एलपीजी सिलिंडर की कीमत 816 रुपये थी और ग्राहकों के खाते में 243.57 रुपये सब्सिडी भेजी गयी थी. तब ग्राहकों गैस सिलिंडर के लिए 573 रुपये देने पड़े थे. Also Read - LPG Cylinder rates: हर हफ्ते बढ़ेगी घरेलू गैस की कीमत, PIBFactCheck में हुआ ये खुलासा

वहीं, तेल कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि एलपीजी सिलिंडर के दाम इतने कम हो गये हैं कि इस साल मई-जून, जुलाई, अगस्त, सितंबर, अक्तूबर और नवंबर में भी ग्राहकों को सब्सिडी नाम मात्र मिल रही है. नवंबर माह की सब्सिडी 79 रुपये मिल रही है. सब्सिडी के संबंध में तेल कंपनियों का कहना है कि सब्सिडी का निर्धारण तेल कंपनियां नहीं, सरकार तय करती है. इसलिए इस संबंध में कुछ बताना मुश्किल है.

कंपनियों का कहना है कि गैस सिलिंडर सब्सिडी के रूप में बिना सब्सिडी वाले गैस सिलेंडर की कीमत में अंतर को देती है. जब दोनों की कीमत लगभग एक है. इस वजह से सब्सिडी भी कम हो गयी है. यानी अगर बिना सब्सिडी वाले सिलिंडर की कीमत बढ़ती है, तो सब्सिडी भी मिलनी शुरू हो जायेगी.