LTC Scheme: केंद्र सरकार के कर्मचारी एलटीसी कैश वाउचर स्‍कीम के तहत पत्नी या परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से वस्तुओं या सेवाओं की खरीदारी कर सकते हैं. हालांकि, ये सदस्य एलटीसी किराया पाने के योग्य होने चाहिए. Also Read - ओडिशा में अब सरकारी कर्मचारियों ने की हड़ताल, तो हो जाएगी जेल, विधेयक हुआ पास

वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने इस स्‍कीम के संबंध में अक्सर पूछे जाने वाले सवालों (एफएक्यू) के जवाब में यह बात स्पष्ट की है. उसने बताया है कि अगर किसी कर्मचारी ने औपचारिक रूप से इस स्‍कीम में शामिल होने का विकल्प नहीं चुना है, तो भी वे 12 अक्टूबर या इसके बाद 12 फीसदी से अधिक जीएसटी वाली वस्तुओं या सेवाओं की खरीद पर टैक्‍स बेनिफिट क्‍लेम कर सकते हैं. Also Read - फरवरी के बाद GST संग्रह पहली बार 1 लाख करोड़ के पार, वित्त मंत्रालय ने जारी किया आंकड़ा

व्यय विभाग ने बताया कि स्‍कीम के तहत खरीदे गए सामान और सेवाओं के इनवॉयस पति या पत्नी या किसी अन्य पारिवारिक सदस्य के नाम पर हो सकता है, जो एलटीसी के लिए पात्र हैं. सरकार ने अर्थव्यवस्था में मांग को बढ़ावा देने के लिए इस साल अपने कर्मचारियों को लीव ट्रैवल कंसेशन (एलटीसी) के बदले में कैश वाउचर देने की घोषणा की है. इन वाउचर का इस्तेमाल सिर्फ ऐसे गैर-खाद्य सामान खरीदने के लिए किया जा सकता है जिन पर 12 फीसदी या इससे अधिक वस्‍तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लगता है. Also Read - दशहरे में मोदी सरकार से लेकर, बिहार चुनाव और कंगना रनौत पर जमकर बरसे उद्वठ ठाकरे, कही ये बड़ी बातें

हर चार साल में सरकार अपने कर्मचारियों को उनकी पसंद के किसी गंतव्य की यात्रा के लिए एलटीसी देती है. इसके अलावा एक एलटीसी उन्हें उनके गृह राज्य की यात्रा के लिए दिया जाता है. इस स्‍कीम की घोषणा करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 12 अक्टूबर को कहा था कि कोविड-19 महामारी की वजह से कर्मचारियों के लिए इस साल यात्रा करना मुश्किल है. ऐसे में सरकार ने उन्हें कैश वाउचर देने का फैसला किया है. इसे 31 मार्च, 2021 तक खर्च करना होगा.