बैंक और IT शेयरों में बिकवाली से बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 720 अंक नीचे बंद, 183 अंक लुढ़का निफ्टी

Stock Market Today: शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में गिरावट आई, आईटी और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली से दबाव बना. वैश्विक संकेत, रुपये की कमजोरी, और आगामी तिमाही नतीजों के चलते निवेशकों ने जोखिम कम किया.

Published date india.com Updated: January 3, 2025 5:02 PM IST
बैंक और IT शेयरों में बिकवाली से बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 720 अंक नीचे बंद, 183 अंक लुढ़का निफ्टी

Stock Market: शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली, और बाजार के प्रमुख सूचकांकों में नकारात्मक रुझान देखा गया. कमजोर वैश्विक संकेतों और रुपये की गिरावट ने निवेशकों के मनोबल को प्रभावित किया. बीएसई सेंसेक्स 720.60 अंक (0.90%) की गिरावट के साथ 79,223.11 पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी भी 183.90 अंक (0.76%) गिरकर 24,004.75 पर आ गया.

आईटी और बैंकिंग शेयर बने गिरावट की वजह

सेंसेक्स की प्रमुख कंपनियों में से एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, टेक महिंद्रा और टीसीएस के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई. इन दोनों सेक्टरों—आईटी और बैंकिंग—की बिकवाली ने बाजार को सबसे ज्यादा नुकसान पहुँचाया. इन शेयरों में निरंतर गिरावट के कारण निवेशकों का विश्वास डिगा और बाजार दबाव में आया.

कुछ कंपनियों ने संभाली स्थिति

हालांकि, कुछ कंपनियों ने बाजार में हल्का संतुलन बनाए रखा. टाटा मोटर्स, नेस्ले, टाइटन और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में वृद्धि देखने को मिली. यह कंपनियां बाजार में सकारात्मक संकेत देने का प्रयास कर रही थीं, लेकिन बिकवाली के दबाव के सामने टिक नहीं पाईं.

वैश्विक बाजार का मिला-जुला रुख

वैश्विक बाजारों का रुख भी मिला-जुला था. दक्षिण कोरिया के कॉस्पी और हांगकांग के हैंगसेंग ने बढ़त दर्ज की, जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट गिरावट के साथ बंद हुआ. जापान के बाजार नए साल की छुट्टियों के कारण बंद रहे, और यूरोपीय बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली.

रुपये की कमजोरी से चिंता बढ़ी

डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत शुक्रवार को तीन पैसे गिरकर 85.78 पर आ गई, जो इसका अब तक का सबसे निचला स्तर है. रुपये की कमजोरी ने विदेशी निवेशकों की रुचि को प्रभावित किया. हालांकि, गुरुवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने 1,506.75 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे, जिससे बाजार में थोड़ी राहत मिली थी.

तेल की कीमतों में कमी से उम्मीद

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत में 0.43% की गिरावट आई और यह 75.60 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई. यह गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए राहत की बात हो सकती है, क्योंकि तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई पर नियंत्रण पाया जा सकता है.

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निवेशकों की नजर तिमाही नतीजों पर

विश्लेषकों का मानना है कि अगले हफ्ते तिमाही नतीजों का दौर शुरू होने से पहले निवेशकों ने जोखिम को कम करने के उद्देश्य से बिकवाली की. इसी कारण बाजार में गिरावट का दबाव बढ़ा.

गुरुवार की तेजी का असर नहीं रहा

पिछले सत्र में जबरदस्त तेजी देखी गई थी, जिसमें सेंसेक्स ने 1,436.30 अंक की उछाल दर्ज की थी और निफ्टी 445.75 अंक बढ़ा था. लेकिन शुक्रवार की गिरावट ने इस तेजी को अस्थायी साबित कर दिया.

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