Maruti Suzuki reports zero sales in April due to lockdown: देश की ऑटो इंडस्ट्री को लॉकडाउन की कीमत चुकानी पड़ रही है. एक रिपोर्ट के मुताबिक 45 दिनों से जारी लॉकडाउन की वजह से इस सेक्टर को करीब एक लाख करोड़ का नुकसान होने का अनुमान है. इस बीच देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी (Maritu Suzuki) ने अप्रैल के आंकड़े जारी कर दिए. कंपनी ने कहा है कि उसने घरेलू बाजार में अप्रैल में एक भी कार नहीं बेची. Also Read - कोरोना वायरस से प्रभावित टॉप 10 देशों की सूची में पहुंचा भारत, जून के अंत तक बहुत तेजी से बढ़ेंगे मामले

बंद के लिए जारी सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार कंपनी के प्लांटों में उत्पादन बंद है. कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि अप्रैल 2020 में उसकी घरेलू बिक्री शून्य रही है. Also Read - पंजाब में कोविड-19 के 21 नए मामले सामने आये, कुल संख्या बढ़ कर 2,081 हुई

हालांकि बंदरगाहों के खुलने के बाद कंपनी ने मूंदड़ा बंदरगाह से 632 कारों का निर्यात किया है. निर्यात के लिए सभी सुरक्षा दिशानिर्देशों का पालन किया गया. Also Read - शादी के तुरंत बाद दूल्‍हा-दुल्‍हन सीधे पहुंचे अस्‍पताल, कोरोना टेस्‍ट कराने के बाद पहुंचे घर

दरअसल, लॉकडाउन की वजह से बंद पड़े प्लांट्स और आउटलेट के कारण कोई बिक्री नहीं हो रही. विशेषज्ञ मान रहे हैं कि इसका दूरगामी परिणाम होगा. ऑटो इंडस्ट्री को एक लाख करोड़ के नुकसान का मतलब है देश के जीडीपी में 0.5 फीसदी की कमी.

लॉकडाउन की वजह से जीरो प्रोडक्शन हुआ. इसका एक दूसरा असर सरकार के राजस्व पर भी पड़ा है. अगर प्रोडक्शन सामान्य रहता तो सरकार जीएसटी के रूप में करीब 28 हजार करोड़ रुपये का राजस्व हासिल करती. राज्य सरकारें भी इससे करीब 14 हजार करोड़ की वसूली करती.