मुंबई:  बैंक और वाहन कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट के बीच बंबई शेयर बाजार का सेंसेक्स सोमवार को करीब 537 अंक का गोता खा गया. नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 11,000 अंक के नीचे उतर गया. यह लगातार पांचवां कारोबारी सत्र है जब बाजार में गिरावट दर्ज की गई. विविध कारोबार से जुडे़ आईएल एंड एफएस समूह के कर्ज भुगतान में असफल होने की रिपोर्ट से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई. साथ ही शुल्क लगाने के बाद चीन के अमेरिका के साथ व्यापार वार्ता से हटने की रिपोर्ट से भी बाजार पर असर पड़ा.

देश के शेयर बाजारों में सोमवार को भारी गिरावट दर्ज की गई. प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 536.58 अंकों की गिरावट के साथ 36,305.02 पर और निफ्टी 168.20 अंकों की गिरावट के साथ 10,974.90 पर बंद हुआ. बंबई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 83.12 अंकों की तेजी के साथ 36,924.72 पर खुला और 536.58 अंकों या 1.46 फीसदी गिरावट के साथ 36,305.02 पर बंद हुआ. दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 36,945.50 के ऊपरी और 36,216.95 के निचले स्तर को छुआ.

बंबई शेयर बाजार का तीस शेयरों वाला सेंसेक्स सोमवार को 536.58 अंक या 1.46 प्रतिशत की गिरावट के साथ 36,305.02 अंक पर पहुंच गया. एक समय यह 36,216.95 अक के निम्न स्तर तक चला गया था. आज की गिरावट छह फरवरी के बाद एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट है. उस दिन इसमें 561.22 अंक की गिरावट आई थी. सेंसेक्स का 11 जुलाई के बाद यह न्यूनतम स्तर है. उस दिन यह 36,265.93 अंक पर बंद हुआ. सूचकांक पिछले चार सत्रों में 1,249.04 अंक टूट चुका है.

बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी भारी गिरावट रही. बीएसई का मिडकैप सूचकांक 374.44 अंकों की गिरावट के साथ 15,221.19 पर और स्मॉलकैप सूचकांक 429.34 अंकों की गिरावट के साथ 15,333.76 पर बंद हुआ.

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 21.3 अंकों की तेजी के साथ 11,164.40 पर खुला और 168.20 अंकों या 1.51 फीसदी गिरावट के साथ 10,974.90 पर बंद हुआ. दिनभर के कारोबार में निफ्टी ने 11,170.15 के ऊपरी और 10,943.60 के निचले स्तर को छुआ. नेशनल स्टाक एक्सचेंज का निफ्टी भी 168.20 अंक या 1.51 प्रतिशत की गिरावट के साथ 11,000 अंक के नीचे 10,974.90 अंक पर बंद हुआ. अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इस सप्ताह ब्याज में 0.25 प्रतिशत वृद्धि की आशंका के बीच विदेशी कोषों ने पूंजी की निकासी की.

बीएसई के 19 में से तीन सेक्टरों में तेजी रही, जिसमें सूचना प्रौद्योगिकी (2.06 फीसदी), प्रौद्योगिकी (1.37 फीसदी) और ऊर्जा (0.44 फीसदी) शामिल रहे. बीएसई के गिरावट वाले सेक्टरों में प्रमुख रहे – रियल्टी (5.10 फीसदी), वाहन (3.75 फीसदी), वित्त (3.46 फीसदी), दूरसंचार (3.30 फीसदी) और उपभोक्ता गैर अनिवार्य वस्तुएं एवं सेवाएं (3.03 फीसदी).

दूसरी तरफ एचडीएफसी की अगुवाई में वित्तीय शेयर नुकसान में रहे. एचडीएफसी में 6.22 प्रतिशत, इंडस इंड बैंक 4.94 प्रतिशत, आईसीआईसीआई बैंक 2.8 प्रतिशत, कोटक बैंक 2.6 प्रतिशत, एचडीएफसी बैंक 2.16 प्रतिशत तथा एसबीआई 2.04 प्रतिशत नीचे आया.

यस बैंक में सोमवार को 0.35 प्रतिशत की और गिरावट आई. आरबीआई द्वारा बैंक के सीईओ राणा कपूर का कार्यकाल घटाये जाने के बाद से यस बैंक का शेयर कुल मिलाकर यह 29 प्रतिशत से अधिक टूट चुका है. हालांकि,  आईटी कंपनियों में टीसीएस और इन्फोसिस में क्रमश: 4.5 प्रतिशत और 1.5 प्रतिशत की तेजी आई. कोल इंडिया 2.1 प्रतिशत तथा रिलायंस 1.27 प्रतिशत मजबूत हुआ. रिजर्व बैंक और बाजार नियामक सेबी ने रविवार को कहा कि वे वित्तीय क्षेत्र की गतिविधियों पर नजर रखेंगे और जरूरत पड़ने पर उपयुक्त कदम उठाएंगे. इस बीच, वित्त मंत्री अरूण जेटली ने सोमवार को कहा कि सरकार गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों और म्यूचुअल फंड के लिए पर्याप्त नकदी सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाएगी.