नई दिल्ली: भारत का मीडिया और मनोरंजन उद्योग 2022 तक बढ़कर 52.6 अरब डॉलर (करीब 3.73 लाख करोड़ रुपए) पर पहुंच जाएगा. खर्च करने योग्य आय बढ़ने, मीडिया और मनोरंजन का उपभोग करने वालों की संख्या बढ़ने और सभी प्रारूपों में सामग्री (कंटेंट) का उपयोग बढ़ने इसकी वजह होगी.

एसोचैम-पीडब्ल्यूसी ने संयुक्त अध्ययन में यह बात कही. रिपोर्ट में कहा गया है कि टीवी और सिनेमा जैसे पारंपरिक मीडिया के अलावा इंटरनेट के जरिए उपलब्ध होने वाली सामग्री (ओटीटी) सेवाओं जैसे नए पीढ़ी के प्लेटफॉर्म, मनोरंजन उद्योग को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाएंगे.

रिपोर्ट में कहा गया है कि देश के वीडियो ओटीटी बाजार का आकार बढ़कर 82.3 करोड़ डॉलर (5,363 करोड़ रुपए) का हो जाएगा. यहां का वीडियो ओटीटी बाजार दुनिया के शीर्ष दस बाजार में शामिल होगा.

रिपोर्ट के मुताबिक, देश का मनोरंजन और मीडिया उद्योग के सालाना 11.7 प्रतिशत साल दर साल बढ़कर 2017 के 30.36 अरब डॉलर की तुलना में बढ़कर 2022 में 52.68 अरब डॉलर का हो जाएगा.

रिपोर्ट के अनुसार, 2021 में भारत में मीडिया और मनोरंजन पर प्रतिव्यक्ति सालाना खर्च 32 डॉलर, चीन में 222 डॉलर और अमेरिका में 2260 डॉलर के बराबर होगा.