वॉशिंगटन: दुनिया की दिग्गज सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट का मुनाफा पिछली तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में बढ़कर 8.4 अरब डॉलर रहा है. इसकी अहम वजह क्लाउड कंप्यूटिंग और कारोबारी सेवाओं में लाभ मिलना है. लेकिन कंपनी की आय वृद्धि में उत्साहजनक नहीं रहने से उसके शेयर में गिरावट दर्ज की गई है. कंपनी जुलाई से जून को अपना वित्त वर्ष मानती है. इससे पिछले वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में कंपनी को घाटा हुआ था.

बता दें कि पिछले लंबे वक्त से माइक्रोसॉफ्ट को एपल और गूगल से कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ रहा था. लेकिन अपने काम में बदलाव के चलते काफी समय बाद माइक्रोसॉफ्ट को दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों की रैंकिंग मिली है. माइक्रोसॉफ्ट ने अमेजन के साथ एक वर्चुअल समझौता भी किया है.

समीक्षावधि में कंपनी की आय 12 प्रतिशत बढ़कर 32.5 अरब डॉलर रही है. यह बाजार के अनुमानों से कम रही, ऐसे में परिणामों की घोषणा के कुछ घंटे बाद कंपनी के शेयर करीब 3.5 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई. कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्य नडेला ने कहा कि अपनी कई ग्राहक सेवाओं से दूर हटने के बाद कंपनी को अपनी क्लाउड सेवाओं से बेहतर लाभ मिला है.

नडेला ने कहा, ”हमारी मजबूत वाणिज्यिक क्लाउड सेवा हर क्षेत्र की बड़ी कंपनियों के साथ हमारे प्रगाढ़ रिश्तों और बढ़ती साझेदारी को दर्शाती है. यह कंपनियां खुदरा, वित्तीय सेवा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी हैं.” उन्होंने कहा कि अपनी क्लाउड सेवा के तहत हम विभिन्न मूल्यों की आपूर्ति कर रहे हैं और हर दिन अपने काम से ग्राहकों भरोसा जीत रहे है.