नई दिल्ली: रुपये की विनिमय दर में गिरावट के चलते लागत बढ़ने से मोबाइल फोन निर्माता कंपनियां और टिकाऊ उपभोक्ता वस्तु बनाने वाली कंपनियां चिंतित है और आगामी समय में उत्पादों के दाम बढ़ा सकती हैं. बढ़ती लागत को लेकर चिंतित कंपनियां आगामी कुछ दिनों में मोबाइल फोन के दाम में बढोत्तरी कर सकती हैं. वहीं, टिकाऊ उपभोक्ता सामान बनाने वाली कंपनियां भी त्योहारी सीजन शुरू होने से पहले कीमतें बढ़ाने का मूड बना रही हैं. Also Read - डॉलर के मुकाबले रुपया सबसे निचले स्‍तर पर, रिजर्व बैंक की घोषणाओं का नहीं असर

इंटेक्स टेक्नोलॉजीज (इंडिया) की निदेशक निधि मार्कण्डे ने कहा, “डॉलर में मजबूती के साथ हम बाजार की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं. डॉलर के और भी मजबूत होने की आशंका है. जिससे मोबाइल फोन की लागत में वृद्धि होगी और परिणामस्वरूप हैंडसेट की कीमत में वृद्धि होगी.”

कोमियो इंडिया के सीईओ और निदेशक संजय कलीरोना ने कहा कि कच्चे माल की लागत बढ़ने से भारतीय मोबाइल बाजार पहले से ही दबाव में है. हम बहुत कम मार्जिन में परिचालन कर रहे हैं. डॉलर में मजबूती से दबाव और बढ़ सकता है. इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन के चेयरमैन पंकज महिंद्रू ने कहा कि पूरी तरह से तैयार इकाई (सीबीयू) का आयात कम होने से कुछ राहत है क्योंकि अधिकांश काम स्थानीय स्तर पर किया जा रहा है.

यह शुरुआती यानी सस्ते फोन खंड के लिये चुनौती खड़ी करेगा. सोनी, पैनासोनिक और गोदरेज ने कहा कि रुपये की चाल पर करीब से नजर रख रही हैं क्योंकि रुपया डॉलर के मुकाबले 70.32 रुपये प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निम्नतम स्तर पर पहुंच गया है. रुपये में गिरावट से आयात बिल बढ़ा है. पिछले महीने ही कुछ कंपनियों ने रुपये में गिरावट के चलते 32 इंच और इससे बड़े टीवी सैट के दाम बढ़ाने की घोषणा की थी.

(इनपुट: एजेंसी)