बैंकों के लिए आया 'वर्क फ्रॉम होम' जैसा नया आदेश, जानें केंद्र सरकार ने क्या कहा

पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बीच केंद्र सरकार ने बैंकों को खर्च कम करने, विदेश यात्राएं घटाने और इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने के निर्देश दिए हैं.

Written by: Gargi Santosh
Published: May 18, 2026, 10:24 PM IST

ईरान-अमेरिका जंग की वजह से बढ़ती महंगाई और ईंधन की कीमतों के बीच, भारत सरकार कई बड़े फैसले ले रही है. पहले पेट्रोल-डीजल और CNG की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली, अब बैंकों को लेकर एक अपडेट आया है. वित्त मंत्रालय ने सरकारी बैंकों, बीमा कंपनियों और अन्य वित्तीय संस्थानों को लागत कम करने को कहा है. सरकार चाहती है कि आने वाले समय में गैर जरूरी खर्चों को कम किया जाए और ईंधन की खपत पर भी नियंत्रण रखा जाए.

सरकारी बैंकों को निर्देश दिए गए

रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग ने सोमवार को एक आदेश जारी किया. यह आदेश स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा और भारतीय जीवन बीमा निगम जैसी सरकारी कंपनियों और संस्थानों पर लागू होगा. नए निर्देशों के तहत, अधिकारियों की विदेश यात्राओं में कटौती करने को कहा गया है. इसके अलावा, बैठकों और प्रोजेक्ट रिव्यू के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का ज्यादा इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है. सरकार का मानना है कि इससे यात्रा खर्च और ईंधन दोनों की बचत होगी.

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ऑनलाइन मीटिंग कराने पर फोकस

सरकार ने कहा है कि जब तक जरूरी न हो, मीटिंग्स ऑनलाइन माध्यम से ही आयोजित की जानी चाहिए. अधिकारियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा और समीक्षा बैठकें करने की सलाह दी गई है. वहीं चेयरमैन, एमडी और सीईओ जैसे बड़े अधिकारियों की विदेश यात्राओं को भी सीमित रखने के निर्देश दिए गए हैं. माना जा रहा है कि सरकार कोरोना महामारी के दौरान अपनाए गए वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन मीटिंग मॉडल को फिर से बढ़ावा देना चाहती है.

EV वाहनों को बढ़ावा देने की तैयारी

सरकार ने सरकारी संस्थानों से इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने को भी कहा है. आदेश में साफ कहा गया है कि मुख्यालय और शाखाओं में किराए पर इस्तेमाल हो रहे पारंपरिक वाहनों को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक वाहनों में बदलने का लक्ष्य तय किया जाए. इससे ईंधन पर होने वाला खर्च कम होगा और पर्यावरण को भी फायदा मिलेगा. सरकार लंबे समय से इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने की कोशिश कर रही है और अब सरकारी संस्थानों को इसमें बड़ी भूमिका निभाने के लिए कहा जा रहा है.

पीएम मोदी ने भी की थी बचत की अपील

पीएम मोदी पहले ही देशवासियों और अधिकारियों से कम ईंधन इस्तेमाल करने की अपील कर चुके हैं. उन्होंने कहा था कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर भारत की अर्थव्यवस्था और विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ सकता है. प्रधानमंत्री ने लोगों से सार्वजनिक परिवहन का ज्यादा इस्तेमाल करने, निजी वाहनों का कम उपयोग करने और गैर जरूरी विदेश यात्राओं से बचने की सलाह दी थी. उन्होंने यह भी कहा था कि भारत में बने उत्पादों को प्राथमिकता देने और सोने की खरीद कम करने जैसे कदम देश के आर्थिक हित में मददगार साबित हो सकते हैं.

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