Unclaimed Deposit: बैंक और बीमा में पड़े 78 हजार करोड़ लौटा रही है सरकार, कहीं इसमें आपका हिस्सा भी तो नहीं? जानें क्लेम का तरीका

वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने 9 दिसंबर को राज्यसभा में लिखित जानकारी देते हुए बताया कि Your Money Your Right योजना के शुरुआती दो महीनों में अनक्लेम्ड 2 हजार करोड़ रुपये वापस किए जा चुके हैं. योजना शुरू होने से पहले पिछले 3 सालों में बैंकों ने कुल 10 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा अनक्लेम्ड डिपॉजिट वापस किए हैं.

Published date india.com Published: December 12, 2025 7:14 PM IST
Unclaimed Deposit: बैंक और बीमा में पड़े 78 हजार करोड़ लौटा रही है सरकार, कहीं इसमें आपका हिस्सा भी तो नहीं? जानें क्लेम का तरीका
अनक्लेम्ड डिपॉजिट वापस करने के लिए वित्त मंत्रालय ने Your Money Your Right प्रोग्राम शुरू किया है.

आजकल हर किसी का किसीकिसी बैंक में अकाउंट जरूर होता है. कई बार हम दो से ज्यादा बैंकों में अकाउंट खोल लेते हैं. लेकिन, उनमें रेगुलर तौर पर ट्रांजैक्शन नहीं करते. ज्यादातर ग्राहक ऐसे अकाउंट को इनएक्टिव छोड़कर भूल जाते हैं. अगर आप 10 साल या उससे ज्यादा वक्त तक ऐसे अकाउंट में कोई लेनदेन नहीं करते हैं, तो बैंक में जमा वह रकम अनक्लेम्ड यानी लावारिस हो जाती है. बैंकों के पास अभी 78000 करोड़ रुपये अनक्लेम्ड हैं. इन्हें सरकार लौटाना चाहती है. इसके लिए बकायदा Your Money Your Right प्रोग्राम शुरू किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रोग्राम को प्रमोट करते हुए कहा,ये पैसे कई परिवारों की मेहनत की कमाई है, जो बेकार पड़ी है. सरकार का मकसद है कि हर नागरिक अपने हक का पैसा वापस ले.

आइए जानते हैं अनक्लेम्ड डिपॉजिट क्या होती है? क्या है ‘Your Money Your Right’ प्रोग्राम? अगर बैंक या बीमा में आपका पैसा अनक्लेम्ड है, तो इसका पता कैसे चलेगा? आप अनक्लेम्ड अमाउंट कैसे वापस पा सकते हैं:-

अनक्लेम्ड डिपॉजिट क्या होती है?
जिस अकाउंट में या डिपॉजिट में 10 साल या इससे ज्यादा वक्त तक कोई लेनदेन नहीं होता. यानी इस दौरानतो आपने पैसे निकालें औरही पैसे जमा किए हैं. इस केस में ये जमा रकम अनक्लेम्ड हो जाती है. ज्यादातर लोग कई बैंकों में सेविंग अकाउंट खोल लेते हैं, लेकिन इसे मेंटेन नहीं करते. इन अकाउंट में जमा रकम भी अनक्लेम्ड कैटेगरी मेंजाती है. वहीं, कुछ लोग FD, RD करा लेते हैं. उसकी मेच्यौरिटी पूरी होने के कई समय बाद भी इसे क्लेम नहीं करते. ऐसे में ये अकाउंट भी अनक्लेम्ड हो जाता है. करीब 14 हजार करोड़ रुपए इंश्योरेंस कंपनियों के पास हैं, जिन्हें लेने वाला कोई नहीं है.

कुछ म्यूचुअल फंड्स और सेविंग स्कीम्स भी है, जिनका टेन्योर पूरा हो गया है, लेकिन कोई हकदार नहीं आया. ऐसे 3 हजार करोड़ रुपये म्यूचुअल फंड और 9 हजार करोड़ रुपये शेयर्स के डिविडेंड में पड़े हैं. वहीं, ऐसे अकाउंट होल्डर जिनकी मौत हो चुकी है और उनका कोई नॉमिनी नहीं है, तो उस अकाउंट में रखा पैसा भी अनक्लेम्ड हो जाता है.

अनक्लेम्ड डिपॉजिट का बैंक क्या करता है?
बैंकों में जमा अनक्लेम्ड रकम का इस्तेमाल डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड (DEAF) में ट्रांसफर कर दिया जाता है. यह फंड 2014 में बना था. यहां से अनक्लेम्ड रकम को बाद में सरकारी डिवेंचर जैसे इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश किया जाता है.

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योर मनी, योर राइट प्रोग्राम क्या है?
ये लोगों को अनक्लेम्ड अमाउंट लौटाने का एक प्रोग्राम है. इसी साल अक्टूबर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस प्रोग्राम की शुरुआत की थी. वित्त मंत्रालय के साथ RBI और SEBI भी इस प्रोग्राम पर काम कर रही है.

कैसे पता चलेगा अनक्लेम्ड डिपॉजिट में मेरा हिस्सा है या नहीं?
अनक्लेम्ड डिपॉजिट (बैंक, म्यूचुअल फंड, इंश्योरेंस, शेयर्स और डिविडेंड) में आपका हिस्सा है या नहीं, इसका पता 4 पोर्टल से लगा सकते हैं. सरकार ने सभी के प्रोसेस शेयर किए हैं. अगर आप बैंक में अनक्लेम्ड डिपॉजिट चेक करना चाहते हैं, तो UDGAM (Unclaimed Deposits – Gateway to Access Information) पोर्टल udgam.rbi.org.in पर जाना होगा. इस पोर्टल के जरिए आप अलग-अलग बैंकों में पड़े अपने अनक्लेम्ड डिपॉजिट की जानकारी हासिल कर सकते हैं.

बैंक में अनक्लेम्ड डिपॉजिट चेक करने का प्रोसेस

  • https://udgam.rbi.org.in पर जाएं.
  • unclaimed deposits के लिए लॉगइन करें.
  • अपना मोबाइल नंबर, पासवर्ड, कैप्चा कोड डालें.
  • आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक OTP आएगा.
  • अकाउंट होल्डर का नाम डालना और बैंक सिलेक्ट करें.
  • जरूरी जानकारी भरें.
  • इसके बाद सर्च बटन पर क्लिक करें.
  • अगर कोई अनक्लेम्ड अमाउंट होगा तो वह आपको नजर आ जाएगा.

इंश्योरेंस का चेक करना हो तो?

  • लाइफ इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस और LIC जैसे किसी जनरल इंश्योरेंस में खोया या भूला हुआ पैसा चेक करने के लिए https://bimabharosa.irdai.gov.in पर रजिस्टर करें.
  • फिर ‘अनक्लेम्ड अमाउंट’ सेक्शन पर क्लिक करें. अपना नाम, पॉलिसी नंबर, पैन और मोबाइल नंबर डालें.
  • अपनी इंश्योरेंस कंपनी का नाम डालकर सबमिट कर दें. अगर इन डीटेल्स से मैच करती हुई कोई पॉलिसी होगी तो वो दिख जाएगी.

म्यूचुअल फंड्स और डिविडेंड्स में अनक्लेम्ड डिपॉजिट चेक करना हो तो?

  • इसके लिए सबसे पहले MF सेंट्रल की वेबसाइट https://mfcentral.com पर लॉगिन करें.
  • इसके बाद ‘इन्वेस्टर सर्विस’ के ऑप्शन पर क्लिक करें. यहां पैन कार्ड, एड्रेस प्रूफ और बैंक पासबुक या कैंसिल चेक की डीटेल्स फिल करें.
  • इसके बाद अनक्लेम्ड के ऑप्शन पर क्लिक कर फंड्स से जुड़ी डीटेल्स देख सकते हैं.
  • SEBI MITRA की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर भी अनक्लेम्ड म्यूचुअल फंड्स को ट्रैक किया जा सकता है.
  • इसी तरह अगर किसी कंपनी का डिविडेंड 7 साल तक आपके अकाउंट में क्रेडिट नहीं होता, तो वो भी अनक्लेम्ड हो जाता है.
  • इसे चेक करने के लिए सबसे पहले IEPF की ऑफिशियल वेबसाइट https://www.iepf.gov.in/ पर जाएं. यहां लॉगिन या साइन अप करें.
  • होम पेज पर ‘अनक्लेम्ड अमाउंट’ या ‘सर्च अनक्लेम्ड डिविडेंड/शेयर्स’ के ऑप्शन पर क्लिक करें.
  • PAN/फोलिओ/डीमेट नंबर जैसी डिटेल्स फिल करें. अनक्लेम्ड डिविडेंड या IEPF होगा तो दिख जाएगा.

अनक्लेम्ड पैसा कैसे वापस पाने का तरीका?

  • ‘योर मनी, योर राइट’ योजना के तहत देशभर के 477 जिलों में कैंप लगाए गए हैं. यहां पर जाकर भी अपने पैसे क्लेम करने में मदद ली जा सकती है.
  • अगर आप घर बैठे अपने अनक्लेम्ड पैसे को हासिल करना चाहते हैं, तो udgam.rbi.org.in वेबसाइट पर “Submit Claim” पर क्लिक कर आप अपने पैसे को वापस लेने के लिए अप्लाई कर सकते हैं.
  • इसके अलावा जिस बैंक या ब्रांच में आपका पुराना अकाउंट मिले वहां लिखित एप्लिकेशन भी दे सकते हैं.
  • इंश्योरेंस का पैसा क्लेम करना है तो https://bimabharosa.irdai.gov.in पर अनक्लेम्ड अमाउंट चेक करने के बाद “रजिस्टर कंप्लेंट” के ऑप्शन पर क्लिक करें.
  • अगर म्यूचुअल फंड्स में पैसा अनक्लेम्ड है, तो Mfcentral या SEBI MITRA की वेबसाइट पर अनक्लेम्ड म्यूचुअल फंड्स को ट्रैक करने के साथ ही इसे क्लेम किया जा सकता है.

जो पैसा कोई क्लेम नहीं करेगा, उसका क्या होगा?
जो बैंक खाते 10 साल से ज्यादा समय से इस्तेमाल नहीं हुए, उनका पैसा डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस (DEA) फंड में ट्रांसफर कर सुरक्षित कर दिया जाता है. यहां से पैसों का मालिक जब भी चाहे, दस्तावेज दिखाकर अपना पैसा क्लेम कर सकता है। इसके लिए कभी डेडलाइन खत्म नहीं होती. अगर कोई शेयरहोल्डर 7 साल तक अपना डिविडेंड नहीं लेता, तो पैसे शेयर इन्वेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड में चले जाते है.

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