
Anjali Karmakar
अंजलि कर्मकार 12 साल से जर्नलिज्म की फील्ड में एक्टिव हैं. उन्होंने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स में ग्रेजुएशन किया है. यहीं से मास कॉम में मास्टर्स की डिग्री ली ... और पढ़ें
आजकल हर किसी का किसी न किसी बैंक में अकाउंट जरूर होता है. कई बार हम दो से ज्यादा बैंकों में अकाउंट खोल लेते हैं. लेकिन, उनमें रेगुलर तौर पर ट्रांजैक्शन नहीं करते. ज्यादातर ग्राहक ऐसे अकाउंट को इनएक्टिव छोड़कर भूल जाते हैं. अगर आप 10 साल या उससे ज्यादा वक्त तक ऐसे अकाउंट में कोई लेनदेन नहीं करते हैं, तो बैंक में जमा वह रकम अनक्लेम्ड यानी लावारिस हो जाती है. बैंकों के पास अभी 78000 करोड़ रुपये अनक्लेम्ड हैं. इन्हें सरकार लौटाना चाहती है. इसके लिए बकायदा ‘Your Money Your Right‘ प्रोग्राम शुरू किया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस प्रोग्राम को प्रमोट करते हुए कहा, “ये पैसे कई परिवारों की मेहनत की कमाई है, जो बेकार पड़ी है. सरकार का मकसद है कि हर नागरिक अपने हक का पैसा वापस ले.“
आइए जानते हैं अनक्लेम्ड डिपॉजिट क्या होती है? क्या है ‘Your Money Your Right’ प्रोग्राम? अगर बैंक या बीमा में आपका पैसा अनक्लेम्ड है, तो इसका पता कैसे चलेगा? आप अनक्लेम्ड अमाउंट कैसे वापस पा सकते हैं:-
अनक्लेम्ड डिपॉजिट क्या होती है?
जिस अकाउंट में या डिपॉजिट में 10 साल या इससे ज्यादा वक्त तक कोई लेनदेन नहीं होता. यानी इस दौरान न तो आपने पैसे निकालें और न ही पैसे जमा किए हैं. इस केस में ये जमा रकम अनक्लेम्ड हो जाती है. ज्यादातर लोग कई बैंकों में सेविंग अकाउंट खोल लेते हैं, लेकिन इसे मेंटेन नहीं करते. इन अकाउंट में जमा रकम भी अनक्लेम्ड कैटेगरी में आ जाती है. वहीं, कुछ लोग FD, RD करा लेते हैं. उसकी मेच्यौरिटी पूरी होने के कई समय बाद भी इसे क्लेम नहीं करते. ऐसे में ये अकाउंट भी अनक्लेम्ड हो जाता है. करीब 14 हजार करोड़ रुपए इंश्योरेंस कंपनियों के पास हैं, जिन्हें लेने वाला कोई नहीं है.
कुछ म्यूचुअल फंड्स और सेविंग स्कीम्स भी है, जिनका टेन्योर पूरा हो गया है, लेकिन कोई हकदार नहीं आया. ऐसे 3 हजार करोड़ रुपये म्यूचुअल फंड और 9 हजार करोड़ रुपये शेयर्स के डिविडेंड में पड़े हैं. वहीं, ऐसे अकाउंट होल्डर जिनकी मौत हो चुकी है और उनका कोई नॉमिनी नहीं है, तो उस अकाउंट में रखा पैसा भी अनक्लेम्ड हो जाता है.
अनक्लेम्ड डिपॉजिट का बैंक क्या करता है?
बैंकों में जमा अनक्लेम्ड रकम का इस्तेमाल डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस फंड (DEAF) में ट्रांसफर कर दिया जाता है. यह फंड 2014 में बना था. यहां से अनक्लेम्ड रकम को बाद में सरकारी डिवेंचर जैसे इंस्ट्रूमेंट्स में निवेश किया जाता है.
‘योर मनी, योर राइट’ प्रोग्राम क्या है?
ये लोगों को अनक्लेम्ड अमाउंट लौटाने का एक प्रोग्राम है. इसी साल अक्टूबर में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस प्रोग्राम की शुरुआत की थी. वित्त मंत्रालय के साथ RBI और SEBI भी इस प्रोग्राम पर काम कर रही है.
कैसे पता चलेगा अनक्लेम्ड डिपॉजिट में मेरा हिस्सा है या नहीं?
अनक्लेम्ड डिपॉजिट (बैंक, म्यूचुअल फंड, इंश्योरेंस, शेयर्स और डिविडेंड) में आपका हिस्सा है या नहीं, इसका पता 4 पोर्टल से लगा सकते हैं. सरकार ने सभी के प्रोसेस शेयर किए हैं. अगर आप बैंक में अनक्लेम्ड डिपॉजिट चेक करना चाहते हैं, तो UDGAM (Unclaimed Deposits – Gateway to Access Information) पोर्टल udgam.rbi.org.in पर जाना होगा. इस पोर्टल के जरिए आप अलग-अलग बैंकों में पड़े अपने अनक्लेम्ड डिपॉजिट की जानकारी हासिल कर सकते हैं.
बैंक में अनक्लेम्ड डिपॉजिट चेक करने का प्रोसेस
इंश्योरेंस का चेक करना हो तो?
म्यूचुअल फंड्स और डिविडेंड्स में अनक्लेम्ड डिपॉजिट चेक करना हो तो?
अनक्लेम्ड पैसा कैसे वापस पाने का तरीका?
जो पैसा कोई क्लेम नहीं करेगा, उसका क्या होगा?
जो बैंक खाते 10 साल से ज्यादा समय से इस्तेमाल नहीं हुए, उनका पैसा डिपॉजिटर एजुकेशन एंड अवेयरनेस (DEA) फंड में ट्रांसफर कर सुरक्षित कर दिया जाता है. यहां से पैसों का मालिक जब भी चाहे, दस्तावेज दिखाकर अपना पैसा क्लेम कर सकता है। इसके लिए कभी डेडलाइन खत्म नहीं होती. अगर कोई शेयरहोल्डर 7 साल तक अपना डिविडेंड नहीं लेता, तो पैसे शेयर इन्वेस्टर एजुकेशन एंड प्रोटेक्शन फंड में चले जाते है.
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