नई दिल्ली: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राजग सरकार के दूसरे कार्यकाल का पहला बजट शुक्रवार को पेश किया. सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2019-20 के लिए राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को घटाकर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.3 प्रतिशत कर दिया है. पहले इसके 3.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया था. इस बजट में कई घोषणाएं की गई हैं, जिनमें खास बातें ये हैं…

Union Budget 2019: बजट में कौन सी चीजें महंगी और कौन होंगी सस्‍ती, देखें लिस्‍ट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2019-20 का बजट पेश करते हुए कहा कि चालू वित्त वर्ष के लिए राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को 3.3 प्रतिशत किया जा रहा है.

सरकार ने फरवरी में 2019-20 का अंतरिम बजट पेश करते हुए राजकोषीय घाटा 3.4 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया

– आयकर की दरों में कोई बदलाव नहीं.
– 2 करोड़ रुपए से 5 करोड़ और 5 करोड़ या उससे ज्‍यादा आय वालों के लिए अधिभार क्रमश: 3 प्रतिशत और 7 प्रतिशत बढ़ा.

– 400 करोड़ रुपए तक के सालाना कारोबार वाली कंपनियों के कॉर्पोरेट टैक्‍स घटाकर 25 प्रतिशत घटाया, पहले यह दर 250 करोड़ रुपए तक के कारोबार वाली कंपनियों के लिए थी.

– कर भुगतान मानदंड आधार पर कारोबार सुगमता में भारत कर रैंकिंग 2017 में 172 से 2019 में 121 पर आया.

– प्रत्यक्ष कर राजस्व पिछले पांच साल में 78 प्रतिशत बढ़कर 11.37 लाख करोड़ रुपए पहुंचा.

– पैन नहीं होने पर आधार के जरिए आयकर रिटर्न भरने की छूट.

– काजू गिरी, पीवीसी, टाइल्स, वाहनों के कल-पुर्जो, मार्बल स्लैब, आप्टिकल फाइबर केबल, सीसीटीवी कैमरा आदि पर सीमा शुल्क में बढोतरी.

– आयातित किताबों पर 5 प्रतिशत बेसिक सीमा शुल्क लगाया गया.

-कृत्रिम किडनी के कच्चे माल और डिस्पोजेबल स्टरलाइज्ड डाइलाइजर तथा परमाणु बिजली घरों आदि के लिए सीमा शुल्क में कमी.

-पेट्रोल और डीजल पर एक-एक रुपए प्रति लीटर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क और सड़क एवं बुनियादी ढांचा उपकर लगाया गया.

– सोना और अन्य मूल्यवान धातुओं पर सीमा शुल्क बढ़ा.

-सालाना 1.5 करोड़ रुपए से कम का कारोबार करने वाले करीब 3 करोड़ खुदरा व्यापारियों, छोटे दुकानदारों को पेंशन लाभ.

45 लाख रुपये तक के मकान खरीदने के लिए 31 मार्च 2020 तक लिए गए कर्ज के मामले में ब्याज पर 1.5 लाख रुपए की अतिरिक्त कर छूट.

– इलेक्ट्रिक वाहनों की खरीद पर ब्याज भुगतान के एवज में 1.5 लाख रुपए की अतिरिक्त कर छूट.

– रूपे कार्ड पर आधारित परिवहन कार्ड के जरिए कार्डधारकों को बस यात्रा, टोल टैक्स, पार्किंग शुल्क, खुदरा खरीदारी के भुगतान की अनुमति होगी.

-बजट में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, औद्योगिक गलियारा, माल गाड़ियों के अलग गलियारा, भारतमाला और सागरमाला परियोजनाओं, जल मार्ग विकास और उड़ान योजनाओं के जरिये ढांचागत सुविधाओं को मजबूत बनाने पर जोर.

-रेलवे में 2030 के दौरान बुनियादी ढांचा में सुधार के लिये 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश की जरूरत.
– रेलवे ट्रैक, डिब्बों और इंजन के विनिर्माण और यात्री माल ढुलाई सेवाओं की डिलिवरी के लिये सार्वजनिक-निजी-भागीदारी का प्रस्ताव.

– फेम के दूसरे चरण के लिये तीन साल में 10,000 करोड़ रुपए के व्यय को मंजूरी

-इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्सहित करने के लिये खरीद और चार्जिंग संबंधी ढांचागत सुविधाओं के लिए शुरू में प्रोत्साहन देने का प्रस्ताव.

– सोशल स्टाक एक्सचेंज पर सामाजिक उपक्रम और स्वैच्छिक संगठन सूचीबद्ध होंगे. इक्विटी, बांड म्यूचुअल फंड की तरह यूनिटों के माध्यम से कोष जुटा पाएंगे
– सेबी सूचीबद्ध कंपनियों में न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारित की सीमा मौजूदा 25 प्रतिशत से बढ़ाकर 35 प्रतिशत करने पर करेगा प्रस्ताव.

– बीमा बाजार में बिचौलिये काम करने वालों के लिए 100 प्रतिशत एफडीआई.

– एकल ब्रांड खुदरा क्षेत्र में स्थानीय खरीद नियमों के आसान बनाया जाएगा.
– सरकार सालाना वैश्विक निवेशक बैठक का आयोजन करेगी.

– एक कंपनी में एफपीआई (विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक) निवेश की सांविधिक सीमा 24 प्रतिश्त से बढ़ाकर क्षेत्र के लिए विदेशी निवेश सीमा तक करने का प्रस्ताव.

– एनआरआई पोर्टफोलियो निवेश योजना मार्ग को विदेशी पोर्टफोलियो निवेश मार्ग में विलय का प्रस्ताव.

-अंतरिक्ष क्षेत्र में विशेषज्ञता का वाणिज्यिक उपयोग के इरादे से अंतरिक्ष विभाग की नई इकाई ‘न्यू स्पेस इंडिया लि.’ (एनएसआईएल) का गठन करने का प्रस्ताव.

-स्टार्टअप के लिए जुटाए गए कोष पर आयकर विभाग नहीं करेगा जांच.

-लंबित आकलन और शिकायतों के समाधान के लिये विशेष प्रशासनिक व्यवस्था.

-सभी इच्छुक ग्रामीण परिवारों को 2022 तक बिजली और खाना पकाने का स्वच्छ ईंधन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव.

-प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 2022 तक सभी को बिजली, एलपीजी कनेक्यशन के साथ मकान.

-प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत मत्स्यन प्रबंधन व्यवस्था स्थापित करेगा.

– प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना तीन के तहत 80,250 करोड़ रुपए की लागत से अगले पांच साल में 1,25,000 किलोमीटर सड़क को उन्नत बनाने का लक्ष्य.

-बांस, शहद और खादी जैसे परंपरागत उद्योगों को अधिक उत्पादक और लाभदायक बनाने के लिए स्फूर्ति  (स्कीम आफ फंड फार अपग्रेडेशन एंड रिजनरेशन आफ ट्रेडिशनल इंडस्ट्रीज) के तहत संकुल आधारित विकास सामान्य सुविधा केंद्र का गठन होगा.

– कृषि-ग्रामीण उद्योग क्षेत्र 75,000 उद्यमियों के कौशल विकास की योजना.

-10,000 नए किसान उत्पादक संगठन का गठन किया जाएगा.

-जीरो बजट खेती दूसरे राज्यों में भी लागू करने का प्रस्ताव.

-जल जीवन मिशन के तहत सभी ग्रामीण परिवारों को 2024 तक पाइप के जरिये जल आपूर्ति की जाएगी.

-देश में 5.6 लाख से अधिक गांव, 95 प्रतिशत शहर खुले में शौच से मुक्त.

-प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरत कार्यक्रम के तहत हर पंचायत में इंटरनेट सुविधा के साथ दो करोड़ ग्रामीण भारतीयों को डिजिटल साक्षर बनाने का प्रस्ताव.

-गांधी के विचारों के प्रचार-प्रसार के लिये राष्ट्रीय विज्ञान संग्राहलय परिषद गांधीपीडिया तैयार कर रहा है.

-देश में शोध के वित्त पोषण, समन्वय और बढ़ावा देने के लिये नेशनल रिसर्च फाउंडेशन के गठन का प्रस्ताव.
-विदेशी छात्रों को भारत में उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने के लिये आकर्षित करने को लेकर ‘भारत में अध्ययन’ योजना का प्रस्ताव.

-खेलो इंडिया योजन का विस्तार किया जाएगा और खेलों को लोकप्रिय बनाने तथा खिलाड़ियों के विकास के लिए राष्ट्रीय खेल शिक्षा बोर्ड का गठन किया जाएगा.

– विदेशों में युवाओं के रोजगार के लिए तैयार करने को लेकर कृत्रिम मेधा, इंटरनेट आफ थिंग्य, बिग डेटा जैसे क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण पर जोर दिया जाएगा.