देश के छोटे शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ने के लिए चलाई गई उड़ान योजना का मोदी सरकार ने विस्तार करने का फैसला किया है. इस योजना के तहत क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने के लिए 16 सी-प्लेन मार्गों की पहचान की गई है. सी-प्लेन ऐसे विमानों को कहा जाता है जो पानी से उड़ान भरने और लैंड करने में सक्षम होते हैं. कुछ सी-प्लेन भूमि और पानी दोनों जगह से उड़ान भरने और लैंड कर सकते हैं. Also Read - उड़ान: मोदी सरकार कर रही है योजना का विस्तार, विदेश के लिए भी मिलेंगी सस्ती फ्लाइट्स

आधिकारिक बयान के मुताबिक इन 16 मार्ग में साबरमती और सरदार सरोवर का मार्ग भी शामिल है. यह मार्ग ‘स्टैच्यू ऑफ युनिटी’ को हवाई मार्ग से जोड़ेगा. इसके अक्टूबर 2020 तक परिचालन में आने की संभावना है. Also Read - चीन की सीमा के करीब सिक्किम में भी बना एयरपोर्ट, पहली बार हवाई सेवा से जुड़ा राज्य

केंद्रीय पोत-परिवहन राज्यमंत्री मनसुख मंडाविया ने ‘चाय पर चर्चा’ बैठक के दौरान सी-प्लेन परियोजनाओं की समीक्षा की. Also Read - Gujarat CM Vijay Rupani inaugurates Air Odisha's first flight under UDAN scheme | एयर ओडिशा को मिली ‘उड़ान’, पहली फ्लाइट को गुजरात सीएम विजय रुपानी ने दिखाई हरी झंडी

बयान के अनुसार अब तक क्षेत्रीय हवाई संपर्क को बढ़ाने की उड़ान परियोजना के तहत ऐसे 16 मार्ग की पहचान की गयी है. इस तरह के विमानों से देश के पहाड़ी क्षेत्रों और अन्य दुर्गम इलाकों में हवाई यात्रा विकल्प मुहैया कराने में मदद मिलेगी.

मंडाविया ने कहा कि साबरमती और सरदार सरोवर-नर्मदा मार्ग से पर्यटन बढ़ाने में मदद मिलेगी. यह पर्यटकों को ‘स्टैच्यू ऑफ यूनिटी’ का विहंगम दृश्य उपलब्ध कराएगा.

मंत्री ने अधिकारियों को अमेरिका, कनाडा, मालदीव और ऑस्ट्रेलिया के जल विमानपत्तनों का अध्ययन करने के बाद इसका एक भारतीय मॉडल विकसित करने के भी निर्देश दिए हैं. साथ ही सागरमाला डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड और भारतीय आंतरिक जलमार्ग प्राधिकरण को भी साबरमती और सरदार सरोवर-नर्मदा मार्ग पर अक्टूबर 2020 तक परिचालन शुरू करने के लिए भी गठजोड़ करने के निर्देश दिए गए हैं.

भारतीय आंतरिक जलमार्ग प्राधिकरण, देश के अंदरूनी जलमार्गों पर सी-प्लेन परियोजना का जबकि सागरमाला डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड तटीय जलमार्गों पर ऐसी परियोजनाओं का प्रबंधन देखेगी.