'आयुष्मान भारत' के बाद मोदी सरकार ला रही है ये स्कीम, 50 करोड़ लोगों को होगा फायदा

प्रधानमंत्री कार्यालय ने 50 करोड़ से ज्यादा कामगारों के लिए यूनिवर्सल सोशल सिक्यॉरिटी से जुड़े लेबर मिनिस्ट्री के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है.

Published date india.com Updated: April 23, 2018 1:18 PM IST
PM Narendra Modi
पीएम मोदी. फाइल फोटो.

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने 50 करोड़ से ज्यादा कामगारों के लिए यूनिवर्सल सोशल सिक्योरिटी से जुड़े श्रम मंत्रालय के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है. इसके दायरे में कृषि क्षेत्र में काम करने वाले कामगार भी आएंगे. मंत्रालय लोकसभा चुनाव से पहले इस स्कीम को लागू करना चाहता है. 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले इसे मोदी सरकार के मास्टर स्ट्रोक के तौर पर भी देखा जा रहा है. इससे पहले केंद्र सरकार ने नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम ‘आयुष्मान भारत’ की घोषणा की थी, जिसमें 10 करोड़ गरीब परिवारों को 5-5 लाख रुपये का हेल्थ कवर मिलेगा.

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अंग्रेजी अखबार इकोनॉमिक टाइम्स की खबर के मुताबिक वित्त और श्रम मंत्रालय इस योजना की बारीकी पर काम करेंगे. देश की टोटल वर्कफोर्स के निचले 40 पर्सेंट हिस्से के लिए इस स्कीम को पूरी तरह लागू करने के लिए करीब 2 लाख करोड़ रुपये की जरूरत होगी.

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एक सीनियर अधिकारी का कहना है कि हाल ही में हुई एक हाई लेवल मीटिंग में पीएमओ ने श्रम मंत्रालय से सोशल सिक्योरिटी कवर पर कदम बढ़ाने को कहा है. इस बैठक में मिनिस्ट्री के अधिकारियों ने यूनिवर्सल सोशल सिक्यॉरिटी कोड के बारे में एक प्रेजेंटेशन दिया था. अधिकारी का कहना है कि वित्त मंत्रालय भी इस आइडिया से सहमत है.

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अधिकारी ने बताया कि श्रम मंत्रालय ने वित्त मंत्रालय को सुझाव दिया है कि सरकार इस स्कीम को धीरे-धीरे लागू करे और सबसे गरीब तबके को सबसे पहले कवर किया जाए. अधिकारी ने बताया कि ऐसा होने पर शुरुआत में काफी कम रकम की जरूरत होगी. इसे यूनिवर्सल बनाने के लिए अगले 5-10 वर्षों में फंड बढ़ाया जा सकता है.

श्रम मंत्रालय ने प्रस्ताव दिया है कि सोशल सिक्यॉरिटी स्कीम का दायरा बड़ा रखा जाए ताकि 50 करोड़ कामगारों को रिटायरमेंट, हेल्थ, ओल्ड-एज, डिसेबिलिटी, अनएंप्लॉयमेंट और मैटरनिटी बेनेफिट्स दिए जा सकें. योजना यह है कि यूनिवर्सल सोशल सिक्योरिटी स्कीम को 10 साल में तीन चरणों में लागू किया जाए.

सरकार को उम्मीद है कि उसके बाद इसे यूनिवर्सल किया जा सकेगा. पहले चरण में सभी वर्कर्स को मामूली कवरेज दिया जाएगा, जिसमें हेल्थ सिक्योरिटी और रिटायरमेंट बेनेफिट्स होंगे. दूसरे चरण में अनएंप्लॉयमेंट बेनेफिट्स जोड़े जाएंगे. तीसरे चरण में दूसरी कल्याणकारी योजनाओं को शुरू किया जा सकता है.

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