नई दिल्ली: सरकार ने संसद मे इस बात को माना है कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के 7500 से अधिक बकायेदारों पर 93 हजार करोड़ रुपए से अधिक बकाया राशि है. बैंकों ने इन्हें इरादतन चूककर्ता के रूप में चिन्हित करते हुए इनमें से 185 बकायेदारों पर 100 करोड़ रुपए से अधिक बकाया होने की जानकारी दी है. वहीं, 500 करोड़ रुपए से अधिक राशि के बकायेदारों की सूची सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को इस अनुरोध के साथ मुहैया करा दी गई है कि यह गोपनीय जानकारी है, इसलिए इसे सार्वजनिक न किया जाए. वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को राज्यसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी. Also Read - सरकार और किसानों के बीच 8वें दौर की होगी वार्ता, ट्रैक्टर मार्च से कर चुके हैं शक्ति प्रदर्शन

कांग्रेस के विवेक तन्खा के सवाल के जवाब में जेटली ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की सूचना के आधार पर बताया कि सितबंर 2017 को खत्म हुई तिमाही के संबंध में इस साल 7 दिसंबर तक की स्थिति के अनुसार 7562 कर्जदारों को कर्ज न चुकाने वाले इरादतन चूककर्ताओं के रूप में चिन्हित कर इन पर 93355.32 करोड़ रुपए बकाया राशि होने की जानकारी दी है. Also Read - Union Budget 2021: एक फरवरी को पेश होगा केंद्रीय बजट, 29 जनवरी से शुरू होगा संसद का बजट सत्र: रिपोर्ट

100 करोड़ से ज्यादा वाले 185 बकायेदारों पर लगभग आधी रकम
जेटली ने आरबीआई से इस बारे में मिले आंकड़ों के आधार पर बताया कि 100 करोड़ रुपए से अधिक राशि वाले 185 बकायेदारों पर 42978.78 करोड़ रुपए बकाया राशि है. आरबीआई ने सूचित किया है कि एक करोड़ रुपए या इससे अधिक राशि के वाद दायर चूककर्ताओं और 25 लाख और इससे अधिक राशि के वाद दायर इरादतन चूककर्ताओं की सूची ऋण सूचना कंपनियों की वेबसाइट पर डाल कर दी गई है. Also Read - Farmers-Govt Talks: 21 दिन बाद क‍िसान-सरकार वार्ता शुरू, 40 किसान नेता और तीन केंद्रीय मंत्री कर रहे बातचीत

500 करोड़ ज्यादावालों के नाम लिफाफे में
इसके अलावा 500 करोड़ रुपए से अधिक राशि के बकायेदारों की सूची सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को इस अनुरोध के साथ मुहैया करा दी गई है कि यह गोपनीय जानकारी है इसलिए इसे सार्वजनिक न किया जाए. जेटली ने सरकारी क्षेत्र के बैंकों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस साल 30 सितंबर तक इरादतन चूककर्ताओं के विरूद्ध 257 एफआईआर दर्ज कर इनसे वसूली के लिए 9363 केस दायर किए गए.