नई दिल्ली: मदर डेयरी और अमूल का दूध रविवार से महंगा हो जायेगा. मदर डेयरी ने अपने विभिन्न किस्म के दूध में तीन रुपये किलो तक और अमूल ने अपने दूध के दाम दो रुपये किलो बढ़ाने की शनिवार को घोषणा की. मदर डेयरी और अमूल ने अलगअलग बयान में बताया कि रविवार (15 दिसंबर) से दूध की नई दरें लागू हो जायेंगी.

मदर डेयरी ने टोकन और थैली वाले दूध की कीमतें दो से तीन रुपये प्रति लीटर तक बढ़ाने की घोषणा की है. वहीं, अमूल ब्रांड नाम से डेयरी उत्पाद बेचने वाले गुजरात सहकारी दुग्ध विपणन महासंघ (जीसीएमएमएफ) ने कहा कि उसने गुजरात के अहमदाबाद और सौराष्ट्र, दिल्ली-एनसीआर, पश्चिम बंगाल, मुंबई एवं महाराष्ट्र में दूध के दाम में दो रुपये प्रति लीटर की वृद्धि का फैसला किया है. जीसीएमएमएफ देशभर में प्रतिदिन 1.4 करोड़ लीटर दूध की आपूर्ति करता है, जिसमें से 33 लाख लीटर की आपूर्ति दिल्ली-एनसीआर में की जाती है. मदर डेयरी दिल्ली-एनसीआर में 30 लाख लीटर से ज्यादा दूध की आपूर्ति करती है. दोनों कंपनियों ने कीमतों में वृद्धि के लिए कच्चे दूध की खरीद की ऊंची लागत को जिम्मेदार ठहराया है और कहा कि उन्हें दूध की बिक्री से होने वाली आय का करीब 80 प्रतिशत सिर्फ खरीदने में ही खर्च करना पड़ रहा है.


मदर डेयरी दूध अब इतने का
मदर डेयरी का टोकन दूध अब दो रुपये महंगा होकर 42 रुपये प्रति लीटर होगा. फुल क्रीम दूध की एक लीटर वाली थैली अब 55 रुपये में और आधा लीटर थैली 28 रुपये में मिलेगी. इनकी पुरानी दरें क्रमश: 53 रुपये और 27 रुपये हैं. टोन्ड दूध अब 45 रुपये लीटर में और डबल टोन्ड दूध 36 रुपये के बजाय 39 रुपये लीटर में मिलेगा. इसी तरह गाय का दूध भी तीन रुपये महंगा होकर 47 रुपये प्रति लीटर मिलेगा.

अमूल दूध अब इतने में मिलेगा
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में, अमूल गोल्ड और अमूल ताजा दो-दो रुपये महंगा होकर क्रमश: 55 रुपये और 44 रुपये लीटर में मिलेगा. अमूल का गाय दूध का दाम भी 42 रुपये की जगह 44 रुपये प्रति लीटर होगा. अमूल ने कहा कि पिछले तीन साल में उसने थैली वाले दूध के दाम में केवल दो बार बदलाव किए हैं. बयान में कहा गया है कि इस साल पशु चारे के दाम में 35 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि हुई है. चारे की कीमत बढ़ने और अन्य लागत को ध्यान में रखकर यह कदम उठाया गया है.


सर्दियों में सामान्यत: कम हो जाती हैं कच्चे दूध की कीमतें, लेकिन इस पर उल्टा
मदर डेयरी ने कहा कि मानसून लंबा खींच जाने और दूध उत्पादन के अनुकूल सत्र की देर से शुरुआत समेत विपरीत मौसम परिस्थितियों के चलते विभिन्न राज्यों में दूध की उपलब्धता कम हुई है. प्रतिकूल मौसम के कारण पशुचारा की कीमतें भी बढ़ गयी हैं. इसका असर दूध उत्पादकों को किये जाने वाले भुगतान पर पड़ा है. सर्दियों में कच्चे दूध की कीमतें सामान्यत: कम हो जाती हैं, लेकिन इस बार बढ़ गयी हैं. कंपनी ने कहा कि दूध उत्पादक किसानों को किया जाने वाला भुगतान करीब 20 प्रतिशत यानी छह रुपये प्रति लीटर तक बढ़ गया है. इस कारण उसे दाम बढ़ाने पर बाध्य होना पड़ा है.

बारिश व मानसून में देरी से कीमतों में उछाल
सामान्य तौर पर सर्दियों में दूध के दाम नीचे रहते हैं लेकिन इस साल बारिश और उसके बाद मानसून के देरी से आने की वजह से कीमतों में उछाल आया है. दो प्रमुख डेयरी कंपनियों के दूध की कीमतें बढ़ाने का असर खुदरा मुद्रास्फीति पर भी पड़ेगा, जो कि पहले से ही नवंबर महीने में उछलकर 5.54 प्रतिशत पर पहुंच गया है. यह तीन साल से अधिक का उच्च स्तर है.