नई दिल्ली: दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) में एक जनहित याचिका (PIL) दायर कर किसी वस्तु के विनिर्माता का नाम, उत्पाद का मूल देश और उसका अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) प्रमुखता से प्रदर्शित करने के लिए ई-कॉमर्स वेबसाइटों को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है. याचिका पर अगले हफ्ते सुनवाई होने की संभावना है.Also Read - Wipro Founder Azim Premji: अजीम प्रेमजी के खिलाफ बार-बार केस किया, कोर्ट ने दो को जेल भेजा

इसमें दावा किया गया है कि उपभोक्ता ई-कॉमर्स मंचों पर इन विवरणों का उल्लेख नहीं किये जाने को लेकर काफी परेशानी का सामना कर रहे हैं.याचिकाकर्ता एवं गाजियाबाद निवासी अजय कुमार सिंह ने कहा है कि वह नियमित रूप से ई-कॉमर्स वेबसाइटों से खरीददारी करते हैं. उन्होंने कहा कि उन्होंने काफी छानबीन की और पाया कि उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 और विधिक मापतौल (पैक की हुई वस्तुएं) नियम, 2011 का अनुपालन नहीं किया जा रहा है. Also Read - निचली कोर्ट ने भगवान को ही 'तलब' कर लिया, HC ने जताई नाराजगी कहा- भगवान को पेशी पर नहीं बुलाया जा सकता

उन्होंने कहा, ‘‘यदि ये ई-कॉसर्म वेबसाइट एमआरपी, विक्रेता का विवरण, विनिर्माण का देश/उत्पाद के मूल देश का उल्लेख नहीं करना जारी रखेंगी, तो पूरे राष्ट्र की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचेगा. चूंकि किसी वस्तु की एमआरपी नहीं प्रदर्शित किये जाने पर उपभोक्ता विनिर्माता द्वारा निर्धारित अधिक कीमत पर वस्तु को खरीदने के लिए मजबूर होंगे.’’पीआईएल में कहा गया है, ‘‘उपभोक्ताओं के महत्वपूर्ण अधिकारों का भी हनन किया जा रहा है क्योंकि वे खरीददारी करते समय विक्रेता से अवगत नहीं कराये जाते है.’’ Also Read - Congress MP मनीष तिवारी बोले, कल जो हुआ वह सबसे दुर्भाग्यपूर्ण था, PM`s Security breech की जांच हाईकोर्ट के जज करें

याचिका अधिवक्ता राजेश के. पंडित के मार्फत दायर की गई है. इसमें दावा किया गया है कि ई-कॉमर्स मंचों पर इस तरह की सूचना उपलब्ध नहीं कराये जाने के चलते काफी संख्या में लोगों को नुकसान हो रहा है.याचिका के जरिए केंद्र, उपभोक्ता, खाद्य एवं जनवितरण मामलों का मंत्रालय तथा ई-कॉमर्स पोर्टल मीशो का स्वाामित्व रखने वाले फाशनियर टेक्नोलॉजी प्रा. लि. को संबद्ध अधिनियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है