मुंबई: सबसे धनवान भारतीय मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को कहा कि मौजूदा आर्थिक सुस्ती अस्थायी है और बाहरी उतार-चढ़ाव से प्रभावित है. उन्होंने कहा कि देश को अगले दशक के लिए और अधिक आशावादी होने की वजह है. रिलायंस इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक ने कहा कि आने वाला दशक कारोबारों की तरक्की लिहाज से ऐतिहासिक अवसर प्रस्तुत करने वाला होगा और भारत को दुनिया की तीन शीर्ष अर्थव्यवस्थाओं में शुमार करेगा. Also Read - कोरोना संकट से निपटने के लिए सामने आए देश के उद्योगपति, जानिए किसने दिया कितना दान

अंबानी ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि हमने अस्थायी पीड़ाएं झेली हैं लेकिन वित्त मंत्री ने जो नेतृत्व प्रदान किया है उससे हम इससे उबरने वाले हैं. विदेशी उतार-चढ़ावों ने हमें प्रभावित किया है, लेकिन मैं बहुत बहुत आशावादी हूं.’’ वह सीएनबीसी-टीवी18 द्वारा यहां ‘बिजनेस लीडर ऑफ द डिकेड’ पुरस्कार प्रदान किये जाने के बाद संबोधित कर रहे थे. Also Read - coronavirus से भारत की इकोनॉमी को अब तक का सबसे बड़ा झटका, मूडीज ने GDP रेट 2.5 फीसदी किया

वहीं दूसरी तरफ रिजर्व बैंक के पूर्व गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि आर्थिक वृद्धि में नरमी का कारण मौजूदा सरकार का अर्थव्यवस्था पर ध्यान देने के बजाए अपने राजनीतिक और सामाजिक एजेंडे को पूरा करने पर अधिक जोर देना है. उन्होंने कहा कि भारत प्रमुख क्षेत्रों पर ध्यान देकर सुस्त पड़ती आर्थिक वृद्धि को पटरी पर ला सकता है. Also Read - Coronavirus Effect: लॉकडाउन से अर्थव्यवस्था को हो सकता है नौ लाख करोड़ रुपए का नुकसान

यह पूछे जाने पर कि भारत की आर्थिक वृद्धि को कौन सी चीज रोक रही है, ‘‘यह दु:खद कहानी है. मुझे लगता है कि यह राजनीति है.’’ ब्लूमबर्ग टीवी को दिये साक्षात्कार में राजन ने कहा कि दुर्भाग्य से मौजूदा सरकार ने पिछले साल आम चुनाव में भारी जीत के बाद आर्थिक वृद्धि पर ध्यान देने के बजाए अपने राजनीतिक और सामाजिक एजेंडे को पूरा करने पर अधिक जोर दिया है.