नई दिल्ली: रिलायंस इडस्ट्रीज के प्रमुख मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को कहा कि पिछले दो महीनों में राइट्स इश्यू और वैश्विक निवेशकों से रिकॉर्ड 1.69 लाख करोड़ रुपये जुटाने के बाद कंपनी का शुद्ध ऋण शून्य हो गया है. अंबानी ने अपना तय किया हुआ यह लक्ष्‍य 9 माह पहले ही हासिल कर लिया है. Also Read - चीन में फैली एक और बीमारी! अब मंडराया मानव प्लेग महामारी फैलने का खतरा

बता दें अंबानी ने 12 अगस्त 2019 को कंपनी की वार्षिक आम बैठक में रिलायंस इंडस्ट्रीज का शुद्ध ऋण 31 मार्च 2021 तक शून्य करने का लक्ष्य पेश किया था. उन्होंने कहा था कि कंपनी के पास खुद को शुद्ध ऋण से मुक्त बनाने के लिए अगले 18 महीने की पूरी योजना है. Also Read - Covid-19: रूस को पीछे छोड़ दुनिया में कोरोना से तीसरा सबसे ज्यादा प्रभावित देश बना भारत

शुक्रवार को अपने बयान में अंबानी ने कहा कि उन्हें अपना वादा पूरा करने की खुशी है. हम अपने शेयरधारकों और सभी हितधारकों की उम्मीद पर बार-बार खरे उतरे हैं, यह रिलायंस के डीएनए में है. Also Read - दिल्ली में सोमवार से खुलेंगे ऐतिहासिक स्मारक, लेना होगा ऑनलाइन टिकट

पिछले 58 दिनों में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने वैश्विक प्रौद्योगिकी निवेशकों से 1.15 लाख करोड़ रुपए जुटाए हैं. कंपनी ने यह राशि अपने जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड में हिस्सेदारी बेचकर जुटाई है. वहीं 53,124.20 करोड़ रुपये उसने राइट्स इश्यू जारी करके जुटाए हैं.

कंपनी ने एक बयान में कहा कि पिछले साल ईंधन विपणन कारोबार में 49 प्रतिशत हिस्सेदारी ब्रिटेन की बीपी को 7,000 करोड़ रुपए में बेचने और हाल में हासिल निवेश से कंपनी ने कुल 1.75 लाख करोड़ रुपए की राशि जुटाई है.

बयान के मुताबिक रिलायंस पर 31 मार्च 2020 की समाप्ति पर 1,61,035 करोड़ रुपए का शुद्ध ऋण था. ‘इस निवेश के साथ ही रिलांयस का शुद्ध ऋण शून्य हो गया है.

अंबानी ने कहा, ”मैंने कंपनी के शेयरधारकों से किया वादा पूरा किया. रिलायंस का शुद्ध ऋण 31 मार्च 2021 की तय अवधि से बहुत पहले शून्य हो गया है.”

देश की सबसे बड़ी दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो, जियो प्लेटफॉर्म्स का ही हिस्सा है. कंपनी ने फेसबुक, सिल्वर लेक, विस्टा इक्विटी पार्टनर्स, जनरल एटलांटिक, केकेआर, मुबाडला, एडीआईए, टीपीजी, एल कैटेरटन और पीआईएफ जैसे वैश्विक प्रौद्योगिकी निवेशकों से 22 अप्रैल 2020 से अब तक 1,15,693.95 करोड़ रुपए की राशि जुटाई है.

बयान में कहा गया है कि 18 जून को सऊदी अरब के पीआईएफ के 11,367 करोड़ रुपए में जियो प्लेटफॉर्म्स की 2.32 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के साथ ही कंपनी के साथ वित्तीय सहयोगी जोड़ने का मौजूदा चरण खत्म हो गया है.

इसी के साथ-साथ रिलायंस इंडस्ट्रीज ने देश का सबसे बड़ा राइट्स इश्यू भी जारी किया. इसे 1.59 गुना अधिक अभिदान मिला. इस निर्गम का आकार 53,124 करोड़ रुपए रहा. हालांकि कंपनी को अभी इसका मात्र 25 प्रतिशत ही मिला है. शेष राशि का भुगतान अगले वित्त वर्ष में किया जाएगा.

अंबानी ने 12 अगस्त 2019 को कंपनी की वार्षिक आम बैठक में रिलायंस इंडस्ट्रीज का शुद्ध ऋण 31 मार्च 2021 तक शून्य करने का लक्ष्य पेश किया था. उन्होंने कहा था कि कंपनी के पास खुद को शुद्ध ऋण से मुक्त बनाने के लिए अगले 18 महीने की पूरी योजना है.