नई दिल्ली: शेयर बाजारों की चाल को देखते हुए म्यूचुअल फंड की ओर निवेशकों का रुझान लगातार बढ़ता जा रहा है. चालू वित्त वर्ष के पहले सात महीने में म्यूचुअल फंड उद्योग ने करीब 77 लाख नए फोलियो (खाते) जोड़े हैं इसी के साथ अक्टूबर के अंत तक कुल फोलियो की संख्या बढ़कर करीब आठ करोड़ पहुंच गई है यह अब तक का सर्वकालिक उच्च स्तर है. म्यूचुअल फंड पर लोगों का बढ़ता विश्वास. बचत के परम्परागत तरीकों से अलग है.

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बढ़ा भरोसा
इससे पहले वित्त वर्ष 2017-18 में 1.6 करोड़ फोलियो, 2016-17 में 67 लाख से अधिक और 2015-16 में 59 लाख फोलियो जोड़े गए थे बता दें कि फोलियो व्यक्तिगत निवेशक को दिया जाना वाला खाता नंबर है. हालांकि एक निवेशक के पास एक से ज्यादा फोलियो भी हो सकते हैं. म्यूचुअल फंड कंपनियों के संगठन एम्फी के मुताबिक इस साल अक्टूबर के अंत तक 41 सक्रिय म्यूचुअल फंड कंपनियों के पास रिकॉर्ड 7,90,31,596 फोलियो हैं मार्च, 2018 के अंत में फोलियो की संख्या 7,13,47,301 थी इस दौरान 76.84 लाख की वृद्धि हुई है जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शा रही है.

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पिछले कुछ सालों में, खुदरा निवेशकों खासकर छोटे शहरों और इक्विटी योजनाओं में भारी प्रवाह से फोलियो की संख्या में वृद्धि हुई. इक्विटी और इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम्स (ईएलएसएस) में फोलियो की संख्या 66 लाख बढ़कर 6 करोड़ हो गयी इसके अलावा बैलेंस्ड श्रेणी में फोलियो 4.4 लाख बढ़कर 63 लाख हो गए इनकम फंड में फोलियो की संख्या 5.6 लाख बढ़कर 1.13 करोड़ हो गई. चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-अक्तूबर के दौरान म्यूचुअल फंड में 81 हजार करोड़ रुपये का निवेश हुआ जबकि इक्विटी योजनाओं ने अकेले 75 हजार करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित किया. अगर सावधानी से म्यूचुअल फंड का चयन किया जाए तो ये एक मुनाफे वाला निवेश है. जिसके जरिए निवेश कर शेयर बाजार के रोजाना वाले जोखिम से बचा जा सकता है. (इनपुट एजेंसी)