Mutual Funds News Update: म्यूचुअल फंड उद्योग के एसेट अंडर मैनेजमेंट (एयूएम) अक्टूबर के मध्य तक 28 लाख करोड़ रुपये से कुछ अधिक रहे. इनमें छोटे शहरों यानी बी30 शहरों का हिस्‍सा 16 फीसदी था. राज्यों के हिसाब से देखें तो सबसे ज्‍यादा हिस्सेदारी महाराष्ट्र की रही. म्यूचुअल फंड उद्योग के संगठन एम्‍फी ने इसकी जानकारी दी है.

बाजार नियामक सेबी पिछले कई साल से म्यूचुअल फंड कंपनियों के ऊपर दबाव बना रहा है कि वे संपत्ति आधार बढ़ाने के लिए छोटे शहरों पर ध्यान दें. एम्‍फी ने कहा कि इस साल अक्टूबर तक म्यूचुअल फंड उद्योग के कुल एयूएम में बी30 शहरों की हिस्सेदारी 16 फीसदी रही. शेष हिस्सेदारी टी30 यानी शीर्ष 30 शहरों की रही.

आंकड़ों के अनुसार, बी30 शहरों के एसेट सितंबर अंत में 4.47 लाख करोड़ रुपये थे. यह अक्टूबर अंत तक तीन फीसदी बढ़कर 4.61 लाख करोड़ रुपये हो गए.

माईवेल्थग्रोथ डॉट कॉम के हर्षद चेतनवाला ने कहा, ”बी30 शहरों से निवेश में लगातार वृद्धि हुई है. व्यक्तिगत निवेशकों की कुल इक्विटी संपत्तियों में इनकी हिस्सेदारी करीब 27 फीसदी है और इसमें लगातार अच्छी वृद्धि हो रही है.”

उन्‍होंने कहा कि ये आंकड़े उत्‍साहित करने वाले हैं. इनसे पता चलता है कि म्‍यूचुअल फंड जैसे इंस्‍ट्रूमेंट में निवेश का बेनिफिट देशभर में लोगों को मिल रहा है. यहां तक कि दिलचस्‍पी की स्‍तर भी बढ़ा है. शहरों के लोग समझना चाहते हैं कि कैसे लंबी अवधि में म्‍यूचुअल फंड उनके लिए मददगार साबित हो सकते हैं.

एम्‍फी के आंकड़ों से पता चलता है कि करीब 15 फीसदी रिटेल इनवेस्‍टर बिना एडवाइजर की मदद से सीधे निवेश करते हैं. वहीं, 24 फीसदी एचएनआई (हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल) ऐसा करते हैं. करीब 68 फीसदी इंडिविजुअल इनवेस्‍टर के एसेट इक्विटी से जुड़ी स्‍कीमों में हैं. वहीं, 75 फीसदी संस्‍थागत निवेशकों का पैसा लिक्विड, मनी मार्केट और अन्‍य डेट आधारित स्‍कीमों में लगा है.

(Inputs from PTI)