नई दिल्ली: राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील अधिकरण National Company Law Appellate Tribunal (NCLAT) ने जेएसडब्ल्यू स्टील JSW Steel को 19,700 करोड़ रुपए में भूषण पावर एंड स्टील लिमिटेड Bhushan Power and Steel Limited के अधिग्रहण की सोमवार को अनुमति दे दी. साथ ही कंपनी को भूषण पावर के खिलाफ चल रहे प्रवर्तन निदेशालय के मुकदमों से छूट भी प्रदान की गई है. Also Read - SC ने टाटा ग्रुप के कार्यकारी चेयरमैन पद पर मिस्त्री की बहाली वाले NCLAT के आदेश पर लगाई रोक

NCLAT के चेयरमैन न्यायमूर्ति एस. जे. मुखोपाध्याय की अध्यक्षता वाली दो सदस्यीय पीठ ने कहा कि जेएसडब्ल्यू स्टील को भूषण पावर के पूर्व प्रवर्तकों द्वारा किए गए कामों के लिए मुकदमों का सामना करने से राहत मिलेगी. Also Read - साइरस मिस्त्री की वापसी पर एनसीएलएटी के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचा टाटा संस

पीठ के अनुसार, हालांकि भूषण पावर के पूर्व प्रवर्तकों के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय द्वारा मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत दायर मुकदमे जारी रह सकते हैं. NCLAT ने भूषण पावर के परिचालक ऋणदाताओं की अधिक दावा मांगे जाने संबंधी याचिका को भी खारिज कर दिया. Also Read - NCLAT ने साइरस मिस्त्री को टाटा संस का चेयरमैन बहाल किया, पद से हटाना गैरकानूनी

पीठ ने कहा कि दिवाला प्रक्रिया के दौरान भूषण पावर को हुई कर देय पूर्व आय भी जेएसडब्ल्यू स्टील को सौंपी जाएगी.

भूषण पावर के पूर्व प्रवर्तकों द्वारा कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने 10 अक्टूबर को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत कंपनी की 4,025 करोड़ रुपए की परिसंपत्तियों को कुर्क कर लिया था.

कर्ज प्रभावित भूषण पावर के लिए सफल बोली लगाने वाली कंपनी के तौर पर सामने आने के बाद जेएसडब्ल्यू स्टील ने एनक्लैट में प्रवर्तन निदेशालय के परिसंपत्ति कुर्क करने के खिलाफ याचिका दायर की थी.

एनक्लैट ने 14 अक्टूबर को निदेशालय को निर्देश दिया कि वह तत्काल प्रभाव से भूषण पावर की जब्त संपत्तियों को कंपनी के पेशेवर परिसमापक के पक्ष में हस्तांतरित करे. जबकि निदेशालय ने इस बारे में कहा कि वह मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून के तहत भूषण पावर की परिसंपत्तियां जब्त कर सकता है.

हालांकि, इस बारे में कॉरपोरेट मामलों के मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि निदेशालय ऐसा नहीं कर सकता, क्योंकि भूषण पावर दिवाला प्रक्रिया से गुजर रही है.